फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI ने सख्ती दिखाते हुए तीन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है. नाम है Lotte India Corporation Pvt Ltd, Ferns N Petals Pvt Ltd और Kubera Foods. आरोप है इनके कुछ प्रोडक्ट्स के पैक के सामने ऐसे दावे किए गए, जो इंग्रीडिएंट्स और न्यूट्रिशनल कॉन्टेंट के बारे में कंज्यूमर्स को गुमराह कर सकते हैं.
क्या आप भी ये '100% नेचुरल' फूड प्रोडक्ट खाते हैं? FSSAI ने पोल खोल दी
FSSAI cracks down on misleading labels: FSSAI ने तीन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है. डिपार्टमेंट ने कहा कि कंपनियों को पैकेज्ड प्रोडक्ट्स पर गुमराह करने वाले दावे और लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर नोटिस जारी किए हैं.


फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने ये जानकारी एक्स पर साझा कर लिखा,
“FSSAI ने पैकेज्ड प्रोडक्ट्स पर गुमराह करने वाले दावे और लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर कई ब्रांड्स को नोटिस जारी किए हैं. कंपनियों से कारण बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए.”
फर्न्स एन पेटल्स को अथॉरिटी ने ‘रोस्टेड आलमंड चॉकलेट’ के लिए नोटिस भेजा. जिसे ‘प्रीमियम चॉकलेट’ के तौर पर बेचा जा रहा था. FSSAI का आरोप है कि इसमें कोको बटर की जगह हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल फैट था. फैट वाली चॉकलेट की जरूरी जानकारी लेबल नहीं की गई थी. डिपार्टमेंट ने कहा कि प्रोडक्ट को बादाम चॉकलेट के तौर पर बेचा जा रहा था. लेकिन बादाम की मात्रा का खुलासा नहीं किया गया. ये FSS (लेबलिंग और डिस्प्ले) नियम, 2020 का उल्लंघन है.

कुबेरा को लेकर शिकायत उनके ‘सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल’ प्रोडक्टस से है. जिसके पैकेट के सामने वाले हिस्से पर "100% नेचुरल" और "कोई प्रिजर्वेटिव, कलर और फ्लेवर नहीं" मिलने जैसे भ्रामक दावे किए गए थे. जबकि प्रोडक्ट लेबल पर प्रिजर्वेटिव (INS 282), सिंथेटिक फूड कलर (INS 110) और फ्लेवरिंग पदार्थ का इस्तेमाल होने की जानकारी थी. ऐसे में FSSAI ने ‘प्योर’, ‘फ्रेश’ और ‘नेचुरल’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई.

लोटे इंडिया को कई प्रोडक्ट्स के लिए नोटिस मिले. FSSAI ने आरोप लगाया कि कुछ चोको पाई वेरिएंट्स पर ‘100% वेजिटेरियन’ का गुमराह करने वाला दावा किया गया था. पेपेरो बिस्किट स्टिक्स पर न्यूट्रिशनल जानकारी नहीं थी. फ्रूट-फ्लेवर्ड फ्रूट्ज एक्लेयर्स में कोई फल नहीं था. इसने पुराने पहले से छपे लेबल और कुछ लॉलीपॉप में विटामिन के लेवल से जुड़े नियमों के उल्लंघन की ओर भी इशारा किया.

कंपनियों को 7 दिन के भीतर ये बताने के लिए कहा गया कि 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम' के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए.
Cipzer को नोटिस, प्रोडक्ट में वैज्ञानिक आधार नहींFSSAI फूड सेफ्टी को लेकर फिलहाल काफी सतर्क नजर आ रहा है. कुछ दिन पहले Cipzer कंपनी को उसके 'Cipzer Nutraceuticals Juice Capsules' की मार्केटिंग और लेबलिंग को लेकर नोटिस जारी किया गया. आरोप है कि प्रोडक्ट के बारे में किए गए कई दावे गुमराह करने वाले हैं और उनके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
विभाग ने कहा कि प्रोडक्ट पर ‘FSSAI Approved’ लिखा हुआ था, जिससे यह गलतफहमी हो सकती थी कि प्रोडक्ट को FSSAI से कोई खास मंजूरी या सर्टिफिकेट मिला है. विभाग ने नोटिस में सेहत से जुड़े दावों (जैसे कि इम्यूनिटी बढ़ाना, शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने) पर भी सवाल उठाए. कहा कि इन दावों के समर्थन में कोई वैज्ञानिक सबूत या पुष्टि नहीं दी गई थी.
ये भी पढ़ें: खामेनेई के जनाजे के बीच सनसनीखेज वीडियो, ईरान ने खुद दिखाई सुप्रीम लीडर के घर की तबाही
FSSAI ने 'हेरिटेज फ्रेश पनीर' की लेबलिंग को लेकर 'हेरिटेज फूड्स लिमिटेड' को भी नोटिस जारी किया. और 'ला कासा वीगन हेजलनट चॉकलेट स्प्रेड' के बारे में 'डिया फूड्स' के दावों पर भी सवाल उठाए हैं.
लेबल पर दी जाने वाली जानकारी का सही होना काफी जरूरी है. क्योंकि कई ग्राहक सिर्फ लेबल पर चीजों को देखकर ही लेते हैं. ये उन्हें सही खानपान से जुड़े फैसले लेने में मदद करते हैं.
वीडियो: अमेरिका में पत्नी की हत्या कर के भारत में प्रेमिका को भेजी फोटो











