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मेरठ में ललिता गौतम के लिए इंसाफ की मांग की तो SSP ने मारे थप्पड़, वैन में घुसकर पीटते दिखे

मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम मर्डर केस लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. ललिता गौतम के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया. मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक प्रदर्शनकारी को बंदी वाहन में घुसकर कई थप्पड़ मारे. इसे लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर हमला बोला है.

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मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान बवाल हो गया (PHOTO- ITG)

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  • मेरठ के टपी नगर थाना क्षेत्र में 8 जुलाई को ललिता गौतम हत्याकांड के न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच टक्कर हुई, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पाँच लोगों को हिरासत में लिया।
  • ललिता गौतम 15 मई को लापता हुईं और 17 मई को उनका शव मिला, पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कार्रवाई को अपर्याप्त मानते हुए न्याय की मांग कर रहे थे।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने के बाद बल प्रयोग कर उन्हें हटाया, अब इस मामले में नया मुकदमा दर्ज हो रहा है और पुलिस पांच लोगों को हिरासत में लेकर ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।
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उस्मान चौधरी

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 8 जुलाई को पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच टकराव का मामला सामने आया है. मामला इतना आगे बढ़ गया कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. प्रदर्शन कर रहे लोग लोग ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सिर्फ लाठी मारकर भगाया ही नहीं, बल्कि कुछ को डिटेन करने के बाद मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक प्रदर्शनकारी को बंदी वाहन में घुसकर कई थप्पड़ भी मारे.

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दरअसल, प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना देना और डीएम को ज्ञापन सौंपना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मेन गेट बंद कर दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे. धरने की वजह से सड़क पर जाम लग गया. पुलिस अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने और धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने. इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाया और 5 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसएसपी अविनाश पांडेय जिस व्यक्ति को मारते नजर आ रहे हैं, वह रवि गौतम है. रवि नोएडा का रहने वाला है. पुलिस का आरोप है कि यह व्यक्ति प्रदर्शन में आए लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहा था. 

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क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र का है. 15 मई को टीपी नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली ललिता गौतम लापता हो गई थीं. 16 मई को उनके परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. अगले दिन, यानी 17 मई को उनका शव रोहटा थाना क्षेत्र में मिला. पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया. इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार मोहम्मद उस्मान चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का कहना है कि आरोपी की ललिता गौतम से पहले से पहचान थी और दोनों के बीच संबंध भी थे. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. 

इसके अलावा इस मामले में दो और लोगों के नाम सामने आए हैं जिन पर सबूत मिटाने का आरोप है. पुलिस ने उनके खिलाफ भी केस दर्ज कर कार्रवाई की है. लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में पूरी और सही कार्रवाई नहीं की. इसी मांग को लेकर वे कमिश्नरी चौराहे से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे. इसमें कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, दलित समाज के लोग और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. प्रदर्शन में पीड़िता की मां भी पहुंचीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

परीक्षा देने गई थी, किडनैप हो गई

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि 16 मई को उनकी बेटी आरजी कॉलेज में परीक्षा देने गई थी. रास्ते में अंकुश, निशांत और अंकित ने उसका अपहरण किया. इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म कर गला घोंटकर हत्या कर दी और शव पर तेजाब डाल दिया. उनका कहना है कि शव पर कई बार तेजाब डाला गया, लेकिन रिपोर्ट में इसका सही उल्लेख नहीं है. उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर निष्पक्ष जांच न करने का आरोप लगाया. इसके कुछ देर बाद प्रदर्शन काफी उग्र हो गया.

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि महिला का शव मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत उसकी पहचान की और जांच शुरू की. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. सबूत मिटाने के आरोप में शामिल दूसरे लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है. एसएसपी ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी और शरारती तत्व इस मामले को अलग रंग देने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पहले सिर्फ ज्ञापन देने की बात कही थी, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने उन्हें कलेक्ट्रेट गेट तक ले जाकर सड़क जाम करवा दी.

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एसएसपी ने ये भी कहा कि पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन वे सड़क से नहीं हटे. इसके बाद उन्हें वहां से हटाया गया. अब इस मामले में नया मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. पुलिस का यह भी कहना है कि उसके पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसमें मृतका के भाई को कुछ लोग पैसे और लाइसेंस दिलाने का लालच देकर प्रदर्शन जारी रखने के लिए उकसा रहे हैं. इस ऑडियो की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है.

विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार औऱ भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है. मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठी चार्ज बेहद निंदनीय है.’

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