BJP के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने MCD और सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर निशाना साधा है. उन्होंने जनता के लिए सड़क, सफाई, सीवर, बिजली और पानी जैसी समस्याओं का सही समाधान न होने पर नाराजगी जताई है. साथ ही ऐसे कामों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के रवैये की आलोचना की है.
'अधिकारी काम नहीं कर रहे', बीजेपी नेता विजय गोयल ने अफसरों के बहाने अपनी ही सरकार को घेरा
पूर्व राज्यसभा सांसद Vijay Goyal ने MCD और सरकारी कर्मचारियों के काम करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठाया है. उन्होंने एक पोस्ट में दावा किया कि अधिकारियों से काम करवाने के लिए विधायक-सांसदों को गिड़गिड़ाना पड़ता है.

विजय गोयल दिल्ली में बीजेपी के सबसे कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं. उन्होंने दावा किया है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को इन अधिकारियों से क्षेत्र में काम करवाने के लिए ‘गिड़गिड़ाना’ पड़ता है. फिर भी काम नहीं होता है.
सरकारी कर्मचारियों के काम पर सवालदरअसल, 25 अगस्त को पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और नगर निगम के काम करने के तरीके पर सवाल खड़ा कर दिया. विजय ने अपनी पोस्ट में लिखा,
‘क्या विडम्बना है MCD और सरकार के अफसर काम नहीं कर रहे हैं. सांसद, MLA और कॉरपोरेटर उनसे काम करने के लिए गलियों-सड़कों के धक्के खा रहे हैं. कहीं से कूड़ा उठवा देते हैं, तो लगता है बहुत बड़ा काम करवा लिया है.’

विजय ने सरकारी अफसरों के काम करने के तरीके पर हमला बोला. लिखा कि अफसर ये नहीं देखते कि उनके होते हुए कूड़ा होना ही क्यों था.
BJP नेता ने लिखा कि नाली, खड़ंजा, सड़क, सीवर, बिजली और पानी की समस्याओं के लिए क्षेत्रों के नेता चुने जाते हैं. इसके बाद चुने हुए नेताओं को क्षेत्र में काम करवाने के लिए इन अफसरों से गिड़गिड़ाना पड़ता है. ऐसा करने के बावजूद ये काम नहीं हो पाते हैं.
गोयल का बयान अफसरशाही पर जरूर है, लेकिन राजनीतिक रूप से ध्यान खींचता है. क्योंकि दिल्ली और नगर निगम में उनकी ही पार्टी यानी BJP काबिज है.
हालांकि सीएम रेखा गुप्ता के हिसाब से दिल्ली में सब चंगा है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर अब सक्षम हाथों में है. शहर में लोगों के लिए सीवेज और पानी हमेशा से बड़ी समस्या रही है. दिल्ली के करीब आधे इलाके बिना पानी की सुविधा के थे. लोगों को सालों तक पुराने सीवर की समस्या से परेशान होना पड़ा.
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रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से 2500 करोड़ की आर्थिक मदद को मंजूरी मिल गई है. इस पैकेज के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में सुधार के लिए 805 करोड़ के विकास कार्यों की मंजूरी दी है.
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