आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, वैसे तो बहुत काम की चीज है. लेकिन जो चीज जितनी उपयोगी होती है, उसका दुरूपयोग भी उसी तरीके से होने लगता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया है. यहां बदमाशों के एक गैंग ने एक फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट बनाई. वही जिस पर लोग शादी के लिए रिश्ते ढूंढते हैं. यहां उन्होंने AI टूल्स की मदद से तस्वीरें बना कर डाली. नतीजा ये हुआ कि सुंदर दुल्हन पाने के चक्कर में कई लोग ठगे गए.
AI दुल्हन बनाकर करते थे ठगी, कानपुर में कुंवारे लड़कों को फंसाने वाला गैंग धड़ाया
कानपुर में Fake Matrimonial Site के जरिए ठगी करनेवाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है. शातिर गैंग मेंबर्स AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर खूबसूरत दुल्हन बनाते थे और फिर लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठते थे. पुलिस ने पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया है.


कानपुर पुलिस ने फर्जी वेबसाइट और कॉल सेंटर के जरिए लोगों को ठगने वाले इस गिरोह को पकड़ लिया है. ये लोग 'परफेक्ट रिश्ता', 'शादी मैच' और 'शादी मैच इंडिया' नाम से ई-ऑपरेट कर रहे थे. इन लोगों ने मैट्रिमोनियल साइट बनाई जिससे लोगों को आसानी से झांसा दिया जा सके.
कैसे धरा गया गैंग?इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब इस गैंग का शिकार बनने के बाद एक युवक ने पुलिस में शिकायत की. उसने पुलिस को बताया कि उसने शादी के लिए एक मैट्रिमोनियल साइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया था. इसके बाद ठगों ने अलग-अलग फीस और चार्जेस के नाम पर उससे करीब 4 लाख रुपये वसूले. लेकिन फिर भी उसे शादी तो दूर, एक असली रिश्ता भी नहीं मिला. उसने इसकी शिकायत की तो कानपुर पुलिस कमिश्नर ने इस मामले को सीरियस लिया. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा को ये केस सौंपा. आईपीएस अंजलि के नेतृत्व में टीमों का गठन कर पुलिस ने एक साथ 3 जगहों पर छापा मारा. तब जाकर इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ.
पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि ये गिरोह यूं ही किसी को टारगेट नहीं करता था. पहले इनके लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स से युवकों का डेटा जुटा लेते थे. इसके आधार पर वो लोगों की पसंद, नापसंद आदि का अंदाजा लगाया करते थे. इसके बाद ये लोग इंटरनेट से महिलाओं की फोटो डाउनलोड करते थे. डाउनलोड करने के बाद ये लोग AI से फोटो को और बेहतर बनाते थे. फिर कई सारे टूल्स की मदद से ये मैट्रिमोनियल वेबसाइट के किए एक आकर्षक, लेकिन फर्जी प्रोफाइल बनाते थे.
इन नकली प्रोफाइलों के जरिए वो लोगों को भरोसे में लेकर उन्हें शादी का झांसा दिया जाता था. लोगों से पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर प्रोफाइल एक्टिवेशन फीस, उसके बाद रिश्ता फाइनल कराने की फीस मांगी जाती थी. फिर बातचीत या मुलाकात कराने के नाम पर अलग-अलग रकम वसूली जाती थी. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का कहना है कि इस तरीके से हजारों लोगों को निशाना बनाया गया, लेकिन किसी की शादी नहीं कराई गई.

इस मामले को लेकर कानपुर के कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि इस गैंग के निशाने पर वो लोग होते थे, जिनकी शादी नहीं हुई है. ये लोग शादी के नाम पर उन्हें फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर रजिस्टर करते थे. इस गैंग में लड़कियां भी थीं जो लड़कों से बात करती थीं. वो उन्हें रिश्ता पक्का होने की बात कह कर उनसे लाखों रुपये निकलवा लेती थीं. एक साल में इन्होंने हजारों लोगों को ठगा, और किसी की भी शादी नहीं कराई.
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इस मामले में पुलिस ने रंजीत नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है. जबकि अमित कुमार, जागृति और एक अन्य आरोपी युवक अब भी फरार है. पुलिस के मुताबिक, अमित कुमार गैंग के लोगों को लीगल सलाह देता था. कुछ लोगों ने ठगी होने पर उसके खिलाफ केस भी किया हुआ था. आरोपियों की तरफ से केस लड़ने में मदद अमित ही करता था. पुलिस के मुताबिक, इन्होंने छत्तीसगढ़ की एक शादी करने वाली संस्था परफेक्ट की फ्रेंचाइजी ले रखी थी. यह अपनी कई फर्जी साइट चला रहे थे.
वीडियो: मैट्रिमोनियल साइट पर शादी का झांसा देकर होने वाली घटनाओं से लड़कियां कैसे बचें?















