प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 9 मई को पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को ठिकानों पर छापेमारी की है. इसके अलावा संजीव अरोड़ा के कई सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है. इन सभी लोगों पर बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर भी छापा पड़ा था. इसके कुछ दिन बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे.
AAP के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर तीसरी बार पहुंची ED, केजरीवाल-मान दोनों BJP पर बरसे
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि फर्जी ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा करने, एक्सपोर्ट क्रेडिट पर GST रिफंड पाने और ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए दिल्ली की कुछ फर्मों से कई फर्जी GST खरीद बिल हासिल किए गए. लेकिन असल में इन फर्मों का कोई वजूद ही नहीं था.


रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में 5 जगहों पर तलाशी ले रही है. जिन जगहों पर तलाशी चल रही है, उनमें संजीव अरोड़ा को अलॉट हुआ सरकारी आवास भी शामिल है. ये छापे Hampton Sky Realty Limited और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के ऑफिस में भी मारे जा रहे हैं. एक अधिकारी ने द हिंदू कोे बताया कि ED ने कथित तौर पर संजीव अरोड़ा को अपनी कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग करते हुए पकड़ा है. ये मनी लॉन्ड्रिंग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जा रही है.
आरोप है कि मोबाइल फोन की फर्जी जीएसटी (GST) खरीद की गई. इसके बाद दुबई से भारत में इन अवैध पैसों को एक्सपोर्ट के जरिए घुमा-फिराकर (Round Trip) वापस लाने का काम किया गया. हालिया छापेमारी और तलाशी अभियान Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत चलाया जा रहा है.
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि फर्जी ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा करने, एक्सपोर्ट क्रेडिट पर GST रिफंड पाने और ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए दिल्ली की कुछ फर्मों से कई फर्जी GST खरीद बिल हासिल किए गए. लेकिन असल में इन फर्मों का कोई वजूद ही नहीं था. आरोप है कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है. इससे पहले अप्रैल में भी ED ने Foreign Exchange Management Act (FEMA) के सिविल प्रावधानों के तहत संजीव अरोड़ा और उनके साथियों के ऑफिस और घरों पर गुड़गांव, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में तलाशी ली थी.
साल 2024 में भी ED ने संजीव अरोड़ा के यहां छापा मारा था. वह छापा भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से ही जुड़ा था. इस मामले में कथित तौर पर औद्योगिक जमीन का इस्तेमाल रिहायशी प्रोजेक्ट्स के लिए करने का आरोप था. उस समय संजीव अरोड़ा राज्यसभा सांसद थे.
AAP ने कहा- ‘कुछ भी नहीं मिला’आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर ईडी की रेड पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि अगर संजीव अरोड़ा ने बीजेपी जॉइन कर ली होती तो उन पर रेड नहीं होती. केजरीवाल ने कहा,
ED पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. ED का काम मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है लेकिन जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, ED विपक्षी पार्टियों को तोड़ने और उनके नेताओं को धमकाने का काम कर रही है. पिछले एक महीने में संजीव अरोड़ा पर यह दूसरी ED छापेमारी है. 17 अप्रैल को अरोड़ा के कई ठिकानों पर छापेमारी हुई थी. 3 दिन तक चली उस ED छापेमारी के दौरान उन्हें कुछ भी नहीं मिला था.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संजीव अरोड़ा पर ED की छापेमारी उन्हें BJP में शामिल होने के लिए मजबूर करने के मकसद से की जा रही है. ED ने अशोक मित्तल के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी. इसके बाद वह BJP में शामिल हो गए लेकिन 3 दिनों तक चली ED की लंबी छापेमारी के बावजूद अरोड़ा BJP में शामिल नहीं हुए. आज ED ने एक बार फिर उनके ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी यह संदेश देने के लिए की गई है कि या तो BJP में शामिल हो जाओ, वरना तुम्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
वहीं इन छापों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये बीजेपी की ईडी है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर, BJP की ED संजीव अरोड़ा के घर आ गई है. सीएम मान ने कहा कि एक साल में यह तीसरी बार है जब BJP की ED उनके घर आई है. पिछले एक महीने में यह दूसरी बार है. सीएम के मुताबिक, इस छापेमारी में ईडी की टीम कुछ भी नहीं मिला है. उन्होंने आगे कहा कि ED और BJP के इस अनैतिक गठबंधन का अंत पंजाब से ही शुरू होगा.
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