दिल्ली की एक अदालत ने 17 अक्टूबर को यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ एक जमानती वारंट जारी किया है. यह वारंट 2018 के मानहानि मामले में जारी किया गया है. मामला मई 2018 में ध्रुव राठी के एक वीडियो से जुड़ा है. वीडियो में ध्रुव ने कथित तौर पर दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल (BJP IT Cell) ने उन्हें बदनाम करने के लिए एक व्यक्ति को रिश्वत देने की कोशिश की थी.
ध्रुव राठी के खिलाफ वारंट जारी, BJP IT सेल से जुड़े मानहानि केस में दिल्ली की कोर्ट का आदेश
दिल्ली की साकेत कोर्ट में BJP IT सेल से जुड़े विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे की शिकायत पर मामला चल रहा है. शिकायत 2018 में ध्रुव राठी के एक वीडियो को लेकर दर्ज कराई गई थी, जिसे तत्कालीन दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी रीट्वीट किया था.

यह वीडियो राठी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया गया था. बाद में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी उनके इस वीडियो को रीट्वीट किया था. केजरीवाल उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री थे.
ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट क्यों?इस मामले में विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे ने शिकायत दर्ज करवाई थी. लीगल वेबसाइट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, विकास का आरोप है कि ध्रुव राठी ने एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया, जो मानहानि करने वाला है. विकास का आरोप है कि जर्मनी में रहने वाले ध्रुव राठी ने ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट II’ (BJP IT Cell Part II) नाम का एक वीडियो पब्लिश और सर्कुलेट किया, जिसमें उनके खिलाफ कई झूठे आरोप लगाए गए हैं.
इस मामले में साकेत कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (साउथ-ईस्ट) राहुल जैन ने ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए. उन्होंने ये वारंट तब जारी किए, जब उन्हें बताया गया कि ध्रुव राठी को समन भेजा गया, लेकिन उस जगह पर ताला लगा था.
इस हफ्ते शिकायतकर्ता ने मामले की सुनवाई जल्दी कराने के लिए भी एक अर्जी दी थी. पहले यह सुनवाई 20 नवंबर के लिए तय थी. लेकिन मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर को हो गई. शिकायतकर्ता ने सुनवाई जल्दी कराने की मांग करते हुए कहा था कि ध्रुव राठी आमतौर पर विदेश में रहते हैं. लेकिन अभी वो कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के विरोध प्रदर्शन (CJP protest) के सिलसिले में भारत में हैं.
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इस बीच, 17 अक्टूबर को ही ध्रुव राठी ने दावा किया कि वे लंदन में हैं. उन्होंने X पर लिखा कि दुनिया को 'वोट चोर' और 'लोकतंत्र के हत्यारे' की असलियत दिखाने का समय आ गया है. ध्रुव राठी ने लोगों से 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे लंदन स्थित पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने होने वाले प्रोटेस्ट में शामिल होने की अपील की.

पिछली सुनवाई में विकास सांकृत्यायन ने इस मामले में नए समन जारी करने की मांग की. उनका कहना था कि इंडिया में होने के दौरान ध्रुव राठी को समन जल्द दिया जा सकता है. उन्होंने तर्क दिया कि ध्रुव के विदेश में रहने के कारण पिछले कई सालों से उन्हें समन देने में देरी हो रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें पता है कि हरियाणा में ध्रुव राठी कहां रह रहे हैं.
उनकी इस मांग पर कोर्ट ने भी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा,
उपलब्ध रिकॉर्ड से साफ है कि शिकायतकर्ता पिछले कई सालों से आरोपी नंबर 1 (ध्रुव राठी) को समन तामील कराने की कोशिश कर रहा है. क्योंकि आरोपी को पहली बार 23 जुलाई 2019 के आदेश के जरिए समन भेजा गया था. शिकायतकर्ता के वकील की दलीलों को देखते हुए, आरोपी नंबर 1 को नए समन जारी किए जाएं.
इसके अलावा, कोर्ट ने 'दस्ती समन' (हाथ से दिए जाने वाले समन) जारी करने का भी निर्देश दिया. लेकिन, ध्रुव राठी जिस लोकेशन पर थे, वो बंद होने के कारण उन तक समन नहीं पहुंचाया जा सका. मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी.
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