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'जेन जी प्रोटेस्ट' ने धर्मेंद्र प्रधान को क्या 'एहसास' कराया? इस्तीफे के बाद पहली बार ये बोले

Dharmendra Pradhan ने अपने इस्तीफे के करीब 2 हफ्ते के बाद एक प्रोग्राम में Gen Z पर बात की. प्रोग्राम में Biju Janata Dal के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की.

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धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के बाद पहली बार Gen Z पर बात की. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, उन्होंने यह बात भुवनेश्वर की गंगाधर मेहर यूनिवर्सिटी में प्रोग्राम में कही।
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के लगातार प्रदर्शन और Gen Z युवाओं के विवादास्पद रवैये को बताया जा रहा है।
  • प्रधान ने कहा कि उन्होंने पीएम से युवाओं की समस्याओं को समझाने की कोशिश की है और इसके बाद प्रधानमंत्री ने सीधे युवाओं से संवाद किया, जिससे आगे की रणनीति बन सकती है।

‘Gen Z हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें भटकाने की कोशिश की. मैंने पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद छोड़ा.’ ये बयान पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद पहली बार दिया है. शनिवार, 8 अगस्त को प्रधान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर की गंगाधर मेहर यूनिवर्सिटी (GM) के एक प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचे थे. प्रोग्राम में उन्होंने Gen Z से लेकर अपने इस्तीफे पर ‘खुलकर’ बात की. धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. 

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TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्राम में धर्मेंद्र प्रधान ने यूनिवर्सिटी के छात्रों और प्रोफेसर्स को संबोधित करते हुए कहा, 

Gen Z हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें भटकाने की कोशिश की. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद छोड़ा. Gen Z को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. देश के युवाओं के संकल्प और आकांक्षाओं के सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां बहुत छोटी हैं. इसलिए मेरे लिए पद जरूरी नहीं था.

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Gen Z की जिद से ‘परेशानी’

प्रधान ने आगे कहा कि Gen Z की जिद की वजह से ‘परेशानी’ हुई, लेकिन उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उन्हें समझने की जरूरत है. प्रधान ने आगे कहा,

अगर 20 करोड़ युवा किसी चीज को ठान लें तो उनके संकल्प के आगे मेरी जिम्मेदारी कुछ भी नहीं है. मैंने प्रधानमंत्री को यह सच्चाई समझाने की कोशिश की और बाद में प्रधानमंत्री ने सीधे युवाओं से बातचीत की. देश का हित सबसे ऊपर है.’

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने से पहले तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था. छात्रों के प्रदर्शन शुरू होने के करीब 35 दिन बाद प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था. अब करीब दो के बाद हफ्ते बाद उन्होंने पहली बार पूरे मामले पर खुले मंच से कोई बात कही है. प्रोग्राम में बीजू जनता दल (BJD) के कार्यकर्ताओं ने प्रधान के खिलाफ नारेबाजी भी की. 

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BJD समर्थकों ने की नारेबाजी

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्राम में हुई नारेबाजी का जवाब धर्मेंद्र प्रधान ने रायराखोल में एक दूसरे कार्यक्रम में दिया. प्रधान ने BJD और उसके अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि BJD कार्यकर्ताओं के विरोध या ‘धर्मेंद्र प्रधान गो बैक’ जैसे नारों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने ये भी कहा, 

मैं किसान का बेटा हूं. आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तो मैं वापस आऊंगा.

प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि BJD प्रमुख युवाओं को उनके खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए उकसा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा,  

मैं शायद राज्य के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं ला रहा हूं. लेकिन मैंने अपने काम से कभी ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा नहीं किया. मैं कभी ऐसा काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की बदनामी हो.

धर्मेंद्र प्रधान जिस मंच से नवीन पटनायक पर ऐसे बयान दे रहे थे वहां BJD के विधायक और ओडिशा विधानसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे.

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