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'खाया-पिया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारह आना,' पीएम मोदी पर कांग्रेस ने ये क्या बोल दिया?

Congress ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे को बेहतर तरीके से नहीं संभाला है. पार्टी ने दावा किया कि भारत के मुकाबले अन्य देशों ने इस मुद्दे को बेहतर तरीके से हैंडल किया.

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टैरिफ के मुद्दे पर कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा. (PHOTO-X)

वर्तमान समय के सबसे 'अनप्रेडिक्टेबल' व्यक्तियों की लिस्ट निकाली जाए, तो अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का नाम जरूर आएगा. ट्रंप हर रोज एक नई घोषणा करते हैं. कभी भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने के लिए खुद को शाबाशी देते हैं, तो कभी-किसी देश के प्रेसिडेंट को ही उठवा लेते हैं. लेकिन इन सब में उनका सबसे प्रिय शगल है 'टैरिफ' लगाना.

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अब 21 फरवरी को उन्होंने ऐलान किया है कि वो दुनिया के सभी देशों पर 15 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगाएंगे. जबकि एक दिन पहले ही उन्होंने 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी. अब इसी मसले पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को घेर लिया है.

टैरिफ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस, मोदी सरकार पर 'लचर डिप्लोमेसी' का आरोप लगाती आई है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार ने अमेरिका के आगे झुकना स्वीकार कर लिया है. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुटकी लेते हुए एक्स पर लिखा,

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खाया-पिया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारह आना. सभी “मास्टरस्ट्रोक” दावों और हंगामे के बाद इसका अंत एक बार फिर 18.4% टैरिफ बोझ के साथ हुआ. यह 15% + 3.4% (औसत MFN रेट) =18.4% है. इसके साथ ही मोदी ने वॉशिंगटन को सबसे अधिक बेमतलब की रियायतें दी हैं. बेकार में इतना हो-हल्ला.

MFN का मतलब मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्ज से है. पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि कई देशों ने टैरिफ के मुद्दे को भारत से कहीं बेहतर हैंडल किया है. उन्होंने कहा कि ब्राजील जैसे देश अपनी बात पर अड़े रहे और अमेरिका के साथ डील करने में जल्दबाजी करने से मना कर दिया. उन्हें पहले न झुकने के अपने फैसले पर सही महसूस होना चाहिए. पवन खेड़ा के मुताबिक यह BJP के पूरे इकोसिस्टम के लिए मुश्किल है. क्योंकि उन्हें हर दिन "मास्टरस्ट्रोक" की एक नई परिभाषा बनानी पड़ रही है.

ट्रंप ने क्या ऐलान किया?

प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर यूएस सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि राष्ट्रपति के पास 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत टैरिफ लगाने की इमरजेंसी पावर नहीं है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा,  

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कल जारी किए गए टैरिफ पर बेतुके, खराब तरीके से लिखे गए और अमेरिका विरोधी फैसले की पूरी, डिटेल्ड और पूरी रिव्यू के आधार पर हम ग्लोबल टैरिफ बढ़ाने का फैसला ले रहे हैं.

प्रेसिडेंट ट्रंप ने 21 फरवरी की रात एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया. इसके जरिए उन्होंने दुनिया के सभी देशों पर 10 फीसदी टैरिफ थोप दिया. ये टैरिफ सिर्फ 150 दिनों तक रहते. इसके बाद कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है. लेकिन अब ट्रंप ने टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने का ऐलान किया.

वीडियो: डॉनल्ड ट्रंप ने टैरिफ रिफंड पर क्या बताया?

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