कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) केंद्रीय शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी पड़ी है. पार्टी अपनी इस डिमांड से पीछे हटने को तैयार नहीं है. सरकार के चेताया भी है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो सख्त फैसले लिए जाएंगे. CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तो यहां तक कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नही होता है, तो सरकार से बातचीत का क्या मतलब है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 ऑफिशियल्स को निकाले जाने पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी.
'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो...' CJP ने प्लान बता दिया
CJP प्रवक्ता Ashutosh Ranka ने सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत से पहले पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने Dharmendra Pradhan के इस्तीफा और NTA के 47 अधिकारियों को हटाने पर बात की. इसके अलावा CJP ने सरकार को चेतावनी भी दी.

CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का तीसरा दौर 25 जुलाई को होना है. इससे पहले, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बात की. बातचीत के दो दौर पहले ही हो चुके हैं, जिनमें केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, और CJP की ओर से आशुतोष रांका और CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास शामिल थे. तीसरी मीटिंग से पहले आशुतोष ने मीडिया से बात की.
CJP ने क्या कहा?न्यूज एजेंसी ANI के सवाल पर आशुतोष रांका ने 24 जुलाई को हुई दूसरे दौर की मीटिंग को पॉजिटिव बताया. उन्होंने कहा कि अपनी जान देने वाले NEET छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और कानूनी मामलों पर सरकार के साथ अच्छी बातचीत हुई. आशुतोष रांका ने कहा,
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी"...कल की बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला. सैद्धांतिक सहमति बनी."
आशुतोष को 25 जुलाई की मीटिंग से भी अच्छे नतीजे की उम्मीद है. लेकिन बात धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अटकी है. आशुतोष ने कहा,
"हमारी मेन डिमांड - धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई ठोस डिसीजन नहीं आया है. बल्कि, कल मेनस्ट्रीम मीडिया में हम देख रहे थे कि सूत्र कह रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान जी इस्तीफा नहीं देंगे. अगर प्रधान जी इस्तीफा नहीं देंगे, तो बता दीजिए, फिर इस तरह की मीटिंग का कोई मतलब नहीं है."
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार उन्हें साफ जवाब दे कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या नहीं, ताकि CJP अपनी आगे की रणनीति पर काम कर सके. आशुतोष ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा,
“सरकार एकदम हट पर बैठी है. जब पूरे देश को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए, और आप कह रहे हैं कि इस्तीफा नहीं देंगे, वो तो आसान काम है. अगर ये आसान काम है, तो आसान काम पहले करो. मुश्किल काम बाद में करना. अगर सरकार इस तरह से रवैया रखेगी, तो हमें भी सख्त फैसले लेने पर मजबूर होना पड़ेगा.”
NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने पर आशुतोष रांका बोले,
"कौन से 47 अधिकारियों को हटाया गया है. किस मंशा से हटाया गया है. ये डिटेल्स हमें देखनी होगी."
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि सभी NEET पेपर लीक और छात्रों के अपनी जान देने की फाइनल जिम्मेदारी एजुकेशन मिनिस्ट्री की है. इसलिए उन्होंने एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की.
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CJP बताया ने बताया कि 24 जुलाई को उसके डेलीगेशन ने केंद्र सरकार को एजुकेशन सेक्टर में बड़े सुधार के लिए एक डिमांड चार्टर भी सौंपा. पार्टी ने कहा कि चार्टर पर काम करने के लिए वो सरकार के साथ है.
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