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'कॉकरोच अभी मरे नहीं हैं', अभिजीत दिपके ने सरकार-पुलिस को बड़ी चेतावनी दे दी

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में छात्रों को पुलिस के जरिए परेशान किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं रुकी तो कॉकरोच जनता पार्टी फिर से बड़े शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत करेगी.

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अभिजीत दिपके ने सरकार को चेतावनी दी है. (फोटो- India Today)

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  • कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार छात्रों को परेशान करना बंद नहीं करती तो पार्टी फिर से बड़े और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी।
  • CJP ने दिल्ली पुलिस द्वारा CPI(M) की नेता आइशी घोष को हिरासत में लेने की कोशिश को लेकर सरकार पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन को दबाने का आरोप लगाया है।
  • सरकार और कुछ राज्यों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने तथा हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की गारंटी दी है, जिससे प्रदर्शनकारियों के लिए भविष्य की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।

‘सरकार छात्रों को निशाना बनाना बंद करे. वर्ना कॉकरोच जनता पार्टी फिर से बहुत बड़ा प्रोटेस्ट करेगी.’ ये चेतावनी CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके की ओर से आई है. मंगलवार, 28 जुलाई को उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट करके कहा कि अगर छात्रों को परेशान करना जारी रहा तो CJP एक बड़े और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के साथ सरकार को इसका जवाब देगी.

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दिपके के अलावा CJP के ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके बताया गया कि ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया’ (सीपीएम) के दफ्तर में दिल्ली पुलिस के अधिकारी घुस आए और पार्टी की नेता और विरोध प्रदर्शन का अहम चेहरा रहीं आइशी घोष को हिरासत में लेने की कोशिश की. इस पर CJP ने सरकार को चेताया कि कॉकरोच अभी मरे नहीं हैं, अगर उत्पीड़न रुका नहीं तो वो फिर से इकट्ठा होने को मजबूर होंगे. 

दरअसल, CPI(M) के सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि मंगलवार, 28 जुलाई को दिल्ली पुलिस के अधिकारी पार्टी के दफ्तर में घुस आए थे. वो पार्टी की नेता आइशी घोष को हिरासत में लेना चाहते थे. आइशी जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक हैं. अधिकारी का कहना था कि उनके पास आइशी के खिलाफ वारंट है, जो 2021 के एक मामले से जुड़ा है. ब्रिटास ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका (सरकार का) मकसद उन सभी छात्रों को मेसेज देना है, जिन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया था.

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ब्रिटास के इस आरोप पर CJP ने भी प्रतिक्रिया दी. पार्टी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि आइशी घोष को परेशान करने और डराने-धमकाने की कोशिश कायरतापूर्ण और निंदनीय है. देश भर में पुलिस फोर्स के छात्र प्रदर्शनकारियों को परेशान करने की कोशिशों की कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं. पार्टी ने आगे कहा,

कॉकरोच मरेंगे नहीं. अगर यह परेशान करना नहीं रुका तो हम शांतिपूर्ण विरोध के लिए फिर से बड़ी संख्या में इकट्ठा होने को मजबूर होंगे. हम अभी भी लोकतंत्र में रहते हैं और आप हमसे इस अधिकार को छीन नहीं सकते.

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इसी बीच अभिजीत दिपके का एक वीडियो भी सामने आया. इसमें उन्होंने कहा, 

मैं देख रहा हूं कई सारे स्टेट्स में पुलिस स्टूडेंट्स को परेशान कर रही है. सरकार स्टूडेंट्स को डराना-धमकाना बंद कर दे. अगर वो इसी तरह पुलिस के जरिए स्टूडेंट्स को डराएगी-धमकाएगी, डिटेन की धमकियां देगी. अरेस्ट की धमकियां देगी, तो कॉकरोच जनता पार्टी फिर से बहुत बड़ा प्रोटेस्ट करेगी.

बता दें कि शनिवार, 25 जुलाई को पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP का प्रोटेस्ट इस शर्त पर भी खत्म हुआ था कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर कोई मुकदमे नहीं लादेगी. जिन पर केस दर्ज हैं, वो भी वापस लिए जाएंगे. सरकार ने भी इस पर सहमति जताई थी.

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कुछ बीजेपी शासित राज्यों ने इसके बाद ऐसे नोटिफिकेशन जारी किए हैं,  जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने, उन पर भविष्य में कोई कार्रवाई न करने और आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की गारंटी दी गई है. इनमें असम और बिहार के कागज CJP के प्रवक्ता सौरव दास को मिले हैं. इसके अलावा, राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की गारंटी दी गई है. 

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