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भारत आए चीनी विदेश मंत्री ने NSA अजीत डोभाल से कहा, 'बीते सालों में जो झटके लगे, वे ना तो...'

चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने कहा कि चीन आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी को अहम मानता है. वहीं, NSA Ajit Doval ने कहा कि दोनों देश नई ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं.

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नई दिल्ली में चीन के विदेश मंत्री वांग यी (बाएं) और भारत के NSA अजीत डोभाल (दाएं). (ANI)

नई दिल्ली में भारत और चीन के बीच सीमा मुद्दे पर 'स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव लेवल टॉक्स' (Special Representative Level Talks) की 24वें दौर की बातचीत हुई. बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि बीते कुछ सालों में दोनों देशों के रिश्तों को जो झटके लगे, वे ना तो भारत और ना ही चीन के लोगों के हित में थे.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वांग यी ने कहा कि अक्टूबर 2024 में कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने रिश्तों में नई ऊर्जा भरी और सीमा विवाद सुलझाने की कोशिशों को दिशा दी. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल की 23वीं वार्ता में कई समझौते हुए थे जिनकी वजह से सीमा पर अब शांति और स्थिरता है.

मंगलवार, 19 अगस्त को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से कहा,

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"हमने खास लक्ष्यों की पहचान की और एक कार्यशील रूपरेखा तैयार की. हम सीमाओं पर अब बहाल हुई स्थिरता को देखकर खुश हैं."

उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा दौर द्विपक्षीय संबंधों के लिए ‘सुधार और विकास का एक अहम मौका है'. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी को अहम मानता है. उन्होंने कहा,

"चीनी पक्ष हमारे निमंत्रण पर SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री की चीन यात्रा को बहुत अहमियत देता है. हमारा मानना है कि भारतीय पक्ष भी तियानजिन में एक सफल शिखर सम्मेलन में योगदान देगा."

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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वस्थ और स्थिर संबंध लंबे समय के लिए दोनों देशों के हित में है.

वहीं, NSA डोभाल ने कहा कि हाल के महीनों में भारत-चीन के रिश्तों में सकारात्मक रुझान आया है. उन्होंने कहा,

“सीमा शांत रही है. शांति और स्थिरता बनी हुई है. हमारे आपसी संबंध और मजबूत हुए हैं. हम अपने नेताओं के आभारी हैं, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में कजान में नई दिशा दी और उसके बाद हमें बहुत फायदा हुआ. जो नया माहौल बना है, उससे हमें उन तमाम क्षेत्रों में आगे बढ़ने में मदद मिली है जिन पर हम काम कर रहे हैं.”

अजीत डोभाल ने उम्मीद जताई कि ये 24वीं वार्ता भी उतनी ही सफल होगी. उन्होंने आगे कहा कि इस साल भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे हो रहे हैं. उनके मुताबिक, यह खुशी का मौका है और दोनों देश नई ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं.

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