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गेस पेपर के 70% सवाल असली परीक्षा से मैच, एक और पेपर लीक हो गया

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कीट विज्ञान की परीक्षा से पहले WhatsApp पर वायरल हुए गेस पेपर के करीब 70% सवाल असली पेपर से मैच हो गए. पेपर लीक के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर सितंबर के पहले हफ्ते में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है.

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छत्तीसगढ़ में पेपर लीक का केस (फोटो- India today)

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  • छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी (कृषि) सेकेंड ईयर कीट विज्ञान परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दी गई है।
  • परीक्षा से पहले वॉट्सऐप पर एक गेस पेपर वायरल हुआ था, जिसमें लगभग 70% सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे, जिससे पेपर लीक होने के संदेह ने इस स्थिति को जन्म दिया।
  • परीक्षा रद्द होने के बाद पुलिस जांच शुरू कर दी गई है और सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में पेपर की री-एग्जाम आयोजित की जाएगी।

अब छत्तीसगढ़ में कीट विज्ञान (Entomology) की परीक्षा को पेपर लीक के कीड़े ने काट लिया. गुरुवार, 20 अगस्त को पेपर होने के कुछ घंटों के बाद ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का कृषि विज्ञान का एक पेपर रद्द कर दिया गया. वजह थी, वॉट्सऐप पर एक गेस पेपर परीक्षा से पहले ही घूम रहा था, जिसके 70 फीसदी सवाल असली पेपर से मेल खा रहे थे.

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इसके बाद पेपर लीक के आरोप लगने लगे. यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है. साथ ही पुलिस से इस मामले की जांच करने को कहा गया है.

रायपुर की यूनिवर्सिटी में बीएससी (एग्रीकल्चर) के सेकेंड ईयर के 500 छात्रों ने कीट विज्ञान सेकेंड सेमेस्टर का का पेपर दिया था. छत्तीसगढ़ के 34 कॉलेजों मेें सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच ये परीक्षा कराई गई थी. 

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‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह साढ़े 9 बजे एग्जाम सेंटर पर क्वेश्चन पेपर खोला गया. 10 बजे परीक्षा शुरू हुई. छात्रों ने परीक्षा दी, लेकिन दोपहर को कांग्रेस की स्टूडेंट यूनियन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के लोग यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने लगे. उन्होंने प्रशासन को एक शिकायत सौंपी. इसमें आरोप लगाया गया कि कीट विज्ञान का पेपर लीक हो गया है. उन्होंने परीक्षा रद्द करने और मामले की गहन जांच करने की मांग की.

वॉट्सऐप पर वायरल था पेपर

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक ने बताया कि वॉट्सऐप पर एक क्वेश्चन पेपर वायरल हो रहा था, लेकिन वह परीक्षा का असली पेपर नहीं था. किसी ने उसे गेस पेपर के तौर पर बनाया था. लेकिन उसका तकरीबन 70 फीसदी कॉन्टेंट असली पेपर से मिल रहा था.

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वॉट्सऐप पर वायरल हो रहा पीडीएफ. (फोटो- X)

पेपर लीक के आरोपों के बाद यूनिवर्सिटी की पांच सदस्यों वाली एक समिति ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. गुरुवार, 20 अगस्त शाम को जारी एक आधिकारिक बयान में परीक्षा नियंत्रक ने कहा, 

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बीएससी (कृषि) सेकेंड ईयर सेकेंड सेमेस्टर शैक्षणिक सत्र 2025-26 के सभी छात्रों को सूचित किया जाता है कि प्रशासनिक कारणों से 20 अगस्त 2026 को एईएनटी-221 की परीक्षा रद्द कर दी गई है. री-एग्जाम सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में किया जाएगा.

रजिस्ट्रार कपिल देव दीपक ने बताया, 

हमने परीक्षा रद्द करने और पुलिस से इसकी जांच कराने का फैसला किया ताकि पता चल सके कि परीक्षा से पहले पेपर का कॉन्टेंट लीक हुआ था या नहीं.

रजिस्ट्रार ने कहा कि यूनिवर्सिटी तेलिबांधा पुलिस स्टेशन में इस घटना की शिकायत भी दर्ज कराएगी. 

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पेपर लीक के मामले

देश में इन दिनों पेपर लीक की ‘बहार’ है. जून-जुलाई 2026 में नीट पेपर लीक को लेकर एक बड़ा आंदोलन देश ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर देखा, जिसका नतीजा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के रूप में सामने आया. इसके बाद झारखंड में भी परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों ने दो हफ्ते से ज्यादा प्रदर्शन किया. वहां भी सरकार को हार मानकर परीक्षाएं रद्द करानी पड़ीं. अब छत्तीसगढ़ का ये मामला सामने आया है.

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