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पूर्व मंत्री सुजीत बोस केस से अलग हुईं जस्टिस सुव्रा घोष, TMC नेता के वकील पर लगाया गंभीर आरोप

कोलकाता हाईकोर्ट की जज जस्टिस सुव्रा घोष ने TMC नेता के वकील पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जस्टिस घोष ने कहा कि पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस के वकील और उनके पीए चैंबर में जबरन घुस गए और रिकॉर्ड्स देखने की मांग करने लगे.

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जस्टिस सुव्रा घोष ने TMC नेता सुजीत बोस के वकील पर चैंबर में जबरदस्ती घुसने का आरोप लगाया है. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • कोलकाता हाईकोर्ट की जज सुव्रा घोष ने TMC नेता सुजीत बोस के वकील और उनके सहायक पर उनके चैंबर में जबरन घुसने का आरोप लगाया और केस से खुद को अलग कर लिया।
  • सुजीत बोस पर नगर पालिका भर्ती घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिनकी जांच ईडी कर रही है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।
  • अब जज सुव्रा घोष के अलग होने के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस यह तय करेंगे कि सुजीत बोस की जमानत याचिका की सुनवाई किस बेंच में होगी।

कोलकाता हाईकोर्ट की जज जस्टिस सुव्रा घोष ने TMC नेता के वकील और पीए पर गंभीर आरोप लगाए है. जस्टिस घोष का कहना है कि TMC नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस के वकील ने उनके चेंबर में जबस्दस्ती घुसने की कोशिश की. इसके बाद उन्होंने खुद को केस की सुनवाई से अलग कर लिया है. 

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पूरा मामला जेल में बंद TMC नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका से जुड़ा है. सुजीत बोस कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद है. जस्टिस सुव्रा घोष ने बताया कि सुजीत बोस की जमानत याचिका पर 17 अगस्त 2026 की सुनवाई की तारीख तय की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि 18 अगस्त, 2026 को वो अपने चैंबर में थीं. उसी दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों में से एक और उनके PA ने चैंबर में जबरन घुसने की कोशिश की.

जस्टिस सुव्रा घोष ने क्या कहा?

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस ने बताया कि सुजीत बोस के वकील ने चैंबर के बाहर मौजूद उनके स्टाफ से इस मामले का रिकॉर्ड बाहर लाने को कहा, जिसपर स्टाफ ने मना कर दिया. इसके बाद उन्होंने फिर से चैंबर में घुसने और रिकॉर्ड देखने की जिद की. जिसका स्टाफ ने फिर से विरोध किया.  इसके बाद जज ने खुद को केस से अलग करने का फैसला किया. 

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जस्टिस घोष के सामने सुजीत बोस की जमानत याचिका पर सुनवाई 17 अगस्त को पूरी हो गई थी. सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था. अब यह मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस के सामने रखा जाएगा, जो तय करेंगे कि कौन सी बेंच इसकी सुनवाई करेगी. 

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सुजीत घोष पर मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई आरोप

अब जानते है कि पूर्व टीएमसी मंत्री सुजीत बोस पर आरोप क्या है. सुजीत बोस पहले तृणमूल कांग्रेस के विधायक और तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. ईडी ने उनके खिलाफ नगर पालिका नौकरी घोटाले के सिलसिले में मामला दर्ज किया था. ईडी अधिकारियों ने उन्हें इसी साल 11 मई को गिरफ्तार किया था. तब से वो न्यायिक हिरासत में हैं. 

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ईडी का आरोप है कि सुजीत बोस ने साउथ दमदम नगर पालिका में नौकरी के इच्छुक लोगों के नामों की अवैध सिफारिश की थी. जांच एजेंसी ने कहा है कि भ्रष्टाचार से कमाई गई रकम सुजीत बोस और उनके परिवार के लोगों के बैंक खातों में जमा की गई थी. इसी मामले में सुजीत बोस ने अपनी जमानत याचिका जस्टिस सुव्रा घोष की सिंगल बेंच में लगाई थी.

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