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CJP का CEC ज्ञानेश कुमार को अल्टीमेटम, इस्तीफा नहीं दिया तो इस दिन से होगा देशभर में प्रदर्शन

चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. CJP ने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर इस्तीफा नहीं होता है, तो 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन करेंगे.

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अभिजीत दिपके ने ज्ञानेश कुमार को चेतावनी दी है (PHOTO- India Today)

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  • कोकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 24 घंटे के अंदर इस्तीफा मांगा है, अन्यथा 2 अक्टूबर से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की असहमति की रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार पर तानाशाही और सरकार से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
  • राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई है और उन्हें अप्रूवर बनने की सलाह दी है, जिससे चुनाव आयोग के कामकाज पर नई बहस छिड़ गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को अल्टीमेटम दिया है. सीजेपी ने कहा कि 24 घंटे के अंदर CEC  इस्तीफा दें. अगर ऐसा नहीं होता है, तो 2 अक्टूबर से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने X पर कहा कि ज्ञानेश कुमार को रिजाइन करना होगा. अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू होगा. बाद में देश के अलग अलग शहरों में प्रदर्शन किया जाएगा.

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क्यों हो रहा CEC ज्ञानेश कुमार का विरोध?

ये पूरा मामला इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट से शुरू हुआ है. इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ऋतिका चोपड़ा ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि CEC के कई फैसलों से दो अन्य चुनाव आयुक्त सहमत नहीं थे. रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना ही चुनाव आयोग में फैसले लिए जा रहे हैं. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही ज्ञानेश कुमार विपक्षी दलों के निशाने पर हैं.

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विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर तानाशाही और सरकार से मिली भगत का आरोप लगा रहा है. दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विपक्षी दलों के दावों और आरोपों को खारिज किया है. इस बीच चुनाव आयोग की ओर से भी सफाई जारी की गई. आयोग की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि असहमति सामान्य बात है. असहमतियों के बावजूद आयोग में फैसले सहमति से ही लिए जाते हैं. वैसे चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति की बातें पहली बार नहीं हो रही हैं. पूर्व CEC टीएन शेषन के कार्यकाल में भी ये सब हो चुका है.

राहुल गांधी ने भी मांगा CEC का इस्तीफा

दिपके के अलावा कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला बोला. उन्होंने गुरुवार, 24 सितंबर की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. इसमें राहुल गांधी ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया. लोकसभा में नेता विपक्ष ने चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और CEC ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर सवाल उठाए. राहुल ने विधानसभा चुनाव में भी धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई. लेकिन साथ ही ‘अप्रूवर’ बनने की नसीहत भी दे डाली.  

(यह भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार को CJP की खुली चेतावनी, ‘48 घंटे में इस्तीफा दो वर्ना...’)

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अप्रूवर का मतलब ऐसे व्यक्ति से है जो अपराध में शामिल हो. अप्रूवर अपना अपराध स्वीकार करके सरकारी गवाह बन जाते हैं. ऐसे गवाह बाकी आरोपियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलने के लिए राजी हो जाते हैं. आम तौर पर सरकारी गवाह बनने पर सजा में रियायत मिलती है या पूरी सजा भी माफ की जा सकती है. ज्ञानेश कुमार को अप्रूवर बनने की सलाह देकर राहुल गांधी ने एक नई बहस जरूर छेड़ दी है.

वीडियो: गोवा में 97 वैध मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठे सवाल

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