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युवराज मेहता डेथ केस में नया अपडेट, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बिल्डर की रिहाई का दिया आदेश

Yuvraj death case update: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी बिल्डर अभय कुमार की हैबियस कॉर्पस याचिका मंज़ूर कर ली है और उसे रिहा करने का आदेश दिया है. इससे पहले मामले में 2 और आरोपी रिहा हो चुके हैं.

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पानी में डूबने से युवराज मेहता की हुई मौत.

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. जिसके बाद प्रशासन, बचाव और राहत टीम पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए थे. इसी मामले में एमजेड विजटाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया था. जिसके बाद एमजेड विजटाउन के मालिक ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की थी. अब इस मामले में नया अपडेट आया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हैबियस कॉर्पस याचिका मंज़ूर कर ली है और एमजेड विजटाउन के मालिक अभय कुमार को रिहा करने का आदेश दिया है. 

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जानकारी के मुताबिक़, हाई कोर्ट ने कहा कि नोएडा पुलिस ने गिरफ्तारी करते समय सुप्रीम कोर्ट के जरूरी नियमों का पालन नहीं किया है. हाई कोर्ट के आदेश पर 6 फरवरी को बिल्डर अभय कुमार को देर रात रिहा किया गया. बता दें इससे पहले दो आरोपी रिहा हो चुके हैं.

CJM की अदालत ने केस की सुनवाई के दौरान लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी के कर्मचारी रवि बंसल और सचिन करनवाल को जमानत दी थी. हालांकि इस ज़मानत के साथ कुछ शर्तें भी रखी थीं. वो कोर्ट के आदेश के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते. 

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इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने पिता राज कुमार मेहता की तहरीर पर एमजेड विजटाउन व लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी  के खिलाफ केस दर्ज किया था. पुलिस ने एमजेड बिल्डर कंपनी के निदेशक अभय कुमार के अलावा एमजेड विजटाउन के बिल्डर रवि बंसल और सचिन करनवाल के खिलाफ एक्शन लेते हुए अरेस्ट किया था. 

कैसे हुई थी युवराज की मौत?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, युवराज मेहता नोएडा के सेक्टर-150 में रहते थे और गुरुग्राम के सेक्टर-54 में डनहमबी इंडिया कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे. पुलिस ने बताया कि शुक्रवार, 16 जनवरी की देर रात वे ऑफिस से काम निपटाकर अपनी ग्रैंड विटारा कार से घर लौट रहे थे. घर से करीब 500 मीटर पहले ही उनकी कार घने कोहरे की वजह से एक प्लॉट में गिर पड़ी.

पुलिस ने बताया कि पानी का स्तर ज्यादा होने की वजह से कार पलट गई और तैरने लगी. युवराज किसी तरह कार से बाहर निकलने में कामयाब रहे और उन्होंने फोन पर अपने पिता राजकुमार मेहता को हादसे के बारे में बताया. उनके पिता ने तुरंत 112 पर सूचना दी और वे मौके पर पहुंचे. इस पूरी घटना के दौरान युवराज के पिता ने पुलिस से बार-बार अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाई. रात करीब 1:45 बजे युवराज कार समेत पूरी तरह पानी में डूब गए.

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वीडियो: युवराज से पहले नोएडा के उसी गड्ढे में गिरे ट्रक चालक ने क्या बताया?

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