The Lallantop

प्रेमी के लिए बेटा-बेटी को मारकर नदी में फेंका, कोर्ट ने मां को सुनाई फांसी

Death Penalty: अनिता ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने ही बच्चों को मारकर उनके शव नदी में फेंक दिए. दोनों की हरकतें देखकर कुछ स्थानीय लोगों को उन पर शक हुआ. लोगों ने पीछा करके दोनों को पकड़ लिया. दोनों की जमकर पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया.

Advertisement
post-main-image
कोर्ट ने 'रेयर ऑफ रेयर केस' मानते हुए मृत्युदंड दिया. (फोटो- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • झंझारपुर कोर्ट ने अनिता कुमारी और उनके प्रेमी जय प्रकाश मंडल को बच्चों की हत्या के लिए आईपीसी की धारा 302 और 34 के तहत मौत की सजा और जुर्माना न देने पर छह महीने कड़ी कैद की सजा सुनाई।
  • मामला 2023 का है जब अनिता ने अपने दो बच्चों की हत्या की और साथ में मिली सुरक्षा प्रमाणों के आधार पर परिजनों ने पुलिस में FIR दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपित न्यायिक हिरासत में थे।
  • सजा के बाद इस फैसले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर के रूप में वर्गीकृत किया गया है और यह सामाजिक और कानूनी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना मानी गई है, जिससे कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बिहार में मधुबनी जिले के झंझारपुर कोर्ट के इतिहास में पहली बार मौत की सजा सुनाई गई. गुरुवार, 2 जुलाई को कोर्ट ने अपने ही बेटे और बेटी की हत्या के दोषी मां और उसके बॉयफ्रेंड को मृत्युदंड और 50,000 रुपये जुर्माना नहीं देने पर 6 महीना कठोर कारावास की सजा दी. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' केस बताया. दोनों को इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 302 (हत्या) और 34 (समान इरादे से किया जुर्म) के तहत मौत की सजा सुनाई गई.

Advertisement

अपने बच्चों की हत्या की दोषी अनिता कुमारी मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र के नरही गांव की रहने वाली है. उसके प्रेमी जय प्रकाश मंडल का ताल्लुक मधुबनी जिले के लौकही थाना क्षेत्र के धुनकी करियौत गांंव से है.

इंडिया टुडे से जुड़े अमित रंजन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला करीब 3 साल पुराना है, जब साल 2023 में अनिता अपने दोनों मासूम बच्चों को साथ लेकर घर से मायके जाने के लिए निकली थी. लेकिन वो शाम तक वापस नहीं लौटी. बाद में परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला.

Advertisement

सात दिन बाद खुलासा हुआ कि अनिता ने अपने प्रेमी जय प्रकाश मंडल के साथ मिलकर दोनों मासूम बच्चों की हत्या कर दी. वो बच्चों को अपने प्यार में रोड़ा मान रहे थे. सबूत मिटाने की नीयत से अनीत ने जय प्रकाश के साथ मिलकर बच्चों के शव बलान नदी में फेंक दिए.

इन दोनों की हरकतें देखकर कुछ स्थानीय लोगों को उन पर शक हुआ. लोगों ने पीछा करके दोनों को पकड़ लिया. दोनों की जमकर पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया. चार साल के प्रिंस का शव बरामद कर लिया गया, जबकि डेढ़ साल की सृष्टि नदी के तेज बहाव में बह गई.

Advertisement
रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस में मिली सजा

बाद में बच्चों के पिता प्रमोद कुमार ने 10 जुलाई, 2023 को मधुबनी के घोघरडीहा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई. अनिता और जय प्रकाश 11 जुलाई से ही ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं. गुरुवार, 2 जुलाई, 2026 को झंझारपुर कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई.

पब्लिक प्रॉसिक्यूटर देव शंकर झा ने इस हत्याकांड को समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला जुर्म बताते हुए मौत की सजा की मांग की. आरोपियों के वकील ने भी कई दलीलें पेश कीं, लेकिन मौत की सजा को रोकने के लिए उनकी दलीलें काफी नहीं थीं.

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अभिषेक रंजन ने सभी गवाहों, सबूतों और वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अनिता और जय प्रकाश को मौत की सजा सुनाई. कोर्ट ने कहा कि यह जुर्म बेहद क्रूर, अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाला था. इसलिए, यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर (Rarest of Rare) की कैटेगरी में आता है, और इसमें मृत्युदंड ही सही दंड है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: 130वें संविधान संशोधन बिल को लेकर क्या आपत्तियां हैं?

Advertisement