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तुर्की ने अपने यहां आने से रोका अमेरिकी LGBTQ+ यात्रियों से भरा जहाज

Turkey Ban LGBTQ+ Cruise: जहाज में ज्यादातर अमेरिकी यात्री सवार थे. इसे तुर्की के दो पोर्ट पर रुकना था. लेकिन टर्किश अधिकारियों ने क्रूज को अपने बंदरगाहों पर एंट्री की इजाजत नहीं दी. तुर्की ने इस जहाज को आने से क्यों रोका? समझते हैं.

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क्रूज पर लगभग 1900 यात्रियों के होने की उम्मीद है. (फोटो-Pexels/सांकेतिक फोटो)

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  • तुर्की सरकार ने LGBTQ+ समुदाय के यात्रियों से भरे क्रूज शिप Scarlet Lady को नैतिक मूल्यों के हवाले से अपने कुसदासी और इस्तांबुल पोर्ट पर रुकने से मना कर दिया।
  • यह निर्णय उस सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ में लिया गया जिसमें पूर्व में तुर्की में LGBTQ+ अधिकारों और कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की प्रवृत्ति रही है, खासकर राष्ट्रपति एर्दोगन की पार्टी द्वारा।
  • क्रूज शिप की यात्रा में बदलाव कर उसे ग्रीस और मिस्र के बंदरगाहों पर रुकवाने का निर्णय लिया गया है तथा इससे संबंधित यात्रा एजेंसी ने इससे जुड़ी चिंताएं व्यक्त की हैं।

तुर्की ने LGBTQ+ समुदाय के यात्रियों से भरे एक क्रूज शिप को अपने दो पोर्ट पर रुकने से मना कर दिया. टर्किश अधिकारियों ने 'नैतिक मूल्यों' का हवाला देते हुए यह फ़ैसला लिया. तुर्की में एंट्री की इजाजत ना मिलने के बाद जहाज को ग्रीस की ओर मोड़ दिया गया. यात्री 5 जुलाई तक ग्रीस में ही रहेंगे.

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जहाज स्कारलेट लेडी (Scarlet Lady) पर 10 दिन की ‘एथेंस से वेनिस’ यात्रा आयोजित की गई है. गे ट्रैवल कंपनी ‘अटलांटिस इवेंट्स’ इसे करा रही है. कंपनी के लोगों ने बताया कि पहले क्रूज को तुर्की के रिजॉर्ट शहर कुसदासी और फिर इस्तांबुल के बंदरगाहों पर रुकना था. मगर अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि जहाज को किसी भी बंदरगाह पर रुकने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

अटलांटिस के CEO ने जताई चिंता

अब यात्रा में बदलाव किया गया है. जहाज को इस्तांबुल के बजाय मिस्र के काहिरा और ग्रीस के क्रेते पर ले जाया जाएगा. CNN से बात करते हुए तुर्की के आयदिन प्रांत के अधिकारियों ने कहा,

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"यात्रा इसलिए रद्द की गई क्योंकि क्रूज पर ऐसे लोग थे, जो हमारे सामाजिक ताने-बाने और नैतिक मूल्यों के मुताबिक व्यवहार नहीं करते."

अधिकारी ने यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के लिए उस ग्रुप (LGBTQ+) को हमारे आयदिन प्रांत में आने की ‘बिल्कुल भी संभावना नहीं’ है. अधिकारियों ने ‘नैतिक मानक’ और 'फैमिली वैल्यूज' यानी ‘पारिवारिक मूल्यों’ के चलते यह फैसला किया.

तुर्की के फैसले पर अटलांटिस इवेंट्स के प्रेसिडेंट और CEO रिच कैंपबेल ने कहा, 

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“कंपनी के 36 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. यह शॉकिंग है कि वह अपने यात्रियों की पहचान की वजह से किसी डेस्टिनेशन पर नहीं रुक सकते.”

क्रूज पर लगभग 1900 यात्री

क्रूज पर लगभग 1900 यात्रियों के होने की उम्मीद है. इनमें कम से कम 1100 यात्री अमेरिका से होंगे, जबकि बाकी यात्री यूनाइटेड किंगडम (UK), कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से होंगे. कैंपबेल ने कहा कि ये चिंता की बात है कि कोई देश ये तय कर रहा है कि किन यात्रियों को आने देना है और किन्हें नहीं.

उन्होंने कहा,

"यह कोई राजनीतिक संगठन नहीं है. हम वहां पैसे खर्च करने, जगहों का आनंद लेने, घूमने-फिरने जाते हैं. संस्कृतियों का सम्मान करने के लिए जाते हैं."

इस्तांबुल में पुलिस ने एक स्थानीय बार में छापा मारा. एक 'अटलांटिस ब्रोशर' में बताया गया था कि इसी बार में एक पार्टी होगी. इस पर अटलांटिस इवेंट्स ने कहा कि वह प्रमोशन मटेरियल ना तो अटलांटिस इवेंट्स ने बनाया था और ना ही उसका अटलांटिस से कोई संबंध था.

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पिछले एक दशक में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की पार्टी ने LGBTQ+ समुदाय के खिलाफ काफी सख्त बयानबाजी की है, जिसकी काफी आलोचना भी हुई.

LGBTQ+ समुदाय क्या है?

LGBTQ+ समुदाय में लेस्बियन (Lesbian), गे (Gay), बायसेक्सुअल (Bisexual), ट्रांसजेंडर (Transgender) और क्वीर (Queer) लोग शामिल होते हैं. '+' का निशान इसमें शामिल सभी अलग-अलग सेक्सुअल झुकाव और जेंडर आइडेंटिटी को दिखाता है.

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