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पेपर लीक प्रोटेस्ट: 4 महीने से रूस में रह रहे युवक पर भी FIR दर्ज, बिहार पुलिस से क्या बोला?

किशनगंज जिले के इस युवक ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उसने वीडियो जारी कर दावा किया कि वो पिछले 4 महीने से रूस में है, बावजूद इसके पुलिस ने उसके खिलाफ नीट पेपर विरोध प्रदर्शन को लेकर नामजद FIR दर्ज की है.

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युवक ने अपने नाम पर दर्ज हुए FIR पर आपत्ति जताई. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • बिहार सरकार ने 27 जुलाई को नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े सभी FIR, शिकायतें और नोटिस वापस लेने तथा गिरफ्तार सभी लोगों को रिहा करने का फैसला किया।
  • नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली और बिहार में भारी प्रदर्शन हुए, जिसमें पुलिस ने सख्त कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किए गए।
  • विरोध प्रदर्शन में नामजद एक युवक ने रूस में होने का दावा करते हुए FIR रद्द करने की मांग की, जिससे प्रशासन से निष्पक्ष जांच की भी अपील हुई है।

पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और युवाओं का गुस्सा दिल्ली से लेकर बिहार तक दिखा था. दोनों ही जगह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बेहद सख्त कार्रवाई की. बिहार में तो पुलिस के एक जवान ने प्रदर्शनकारियों की तरफ हवा में AK-47 राइफल चला दी. कई छात्रों को हिरासत में लेकर केस दर्ज किए गए, जिन्हें बाद में वापस लेने की घोषणा भी हुई. इस बीच रूस से बिहार के एक युवक का वीडियो वायरल हुआ.

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किशनगंज जिले के इस युवक ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उसने वीडियो जारी कर दावा किया कि वो पिछले 4 महीने से रूस में है, बावजूद इसके पुलिस ने उसके खिलाफ नीट पेपर विरोध प्रदर्शन को लेकर नामजद FIR दर्ज की है.

सदाकत कौनैन बहादुरगंज के सतमेढ़ी कोलभितत्ता के रहने वाले हैं. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सदाकत ने वीडियो में कहा,

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‘मेरा नाम मोहम्मद सदाकत कोनेराही है. मैं सतमढ़ी कोलभितत्ता के वार्ड नंबर 12 का निवासी हूं. मैं पिछले चार महीने से रूस में हूं. 24 तारीख को LRP चौक पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट हुआ. इसमें बहादुरगंज प्रशासन के द्वारा मेरे भी नाम पर FIR किया गया है. मैं पिछले 4 महीने से रूस में हूं. इसलिए मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि मेरा भी नाम वापस लिया जाए.’

इंडिया टुडे से जुड़े गौरव कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, सदाकत कौनैन राही ने मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है. और प्रशासन से अपील की है कि अगर जांच में उसके यह दावे सही पाए जाएं, तो उसके नाम पर दर्ज हुई FIR को रद्द की जाए.

वहीं, इस मामले को लेकर स्थानीय जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम का बयान आया है. उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की. साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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रिपोर्ट के मुताबिक किशनगंज पुलिस मामले पर बात करने और कुछ भी बोलने से फिलहाल बच रही है.

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इस बीच बिहार सरकार ने सोमवार, 27 जुलाई को बड़ा फैसला लिया. इसके तहत नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े सभी मामलों को वापस लेने की घोषणा कर दी गई है.

राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, 26 जुलाई सुबह 6 बजे से पहले दर्ज सभी FIR, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे. इसके अलावा इन मामलों में गिरफ्तार सभी लोगों को भी तत्काल प्रभाव से रिहा करने का निर्देश दिया गया.  

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