The Lallantop

भरत तिवारी केस में बड़ा एक्शन, पहली गोली मारने वाला STF जवान अक्षय कुमार अरेस्ट

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. अक्षय पर भरत तिवारी को गोली मारने का आरोप है.

Advertisement
post-main-image
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. (फोटो: इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • पुलिस ने भरत तिवारी एनकाउंटर केस में एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को आरा से गिरफ्तार किया है, जो एनकाउंटर में पहली गोली चलाने का आरोप facing कर रहा है।
  • भरत तिवारी के परिवार ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया था, जिसमें उन्होंने कहा कि भरत ने सरेंडर कर दिया था, फिर भी उसे गोली मारी गई।
  • अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी जांच तेज हुई है और मामले की जांच अभी भी जारी है।

बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. एनकाउंटर में शामिल आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को आरा से गिरफ्तार कर लिया गया है. भरत तिवारी के परिवार का आरोप है कि एनकाउंटर के दौरान पहली गोली अक्षय कुमार ने ही चलाई थी. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) मिस्टर राज ने की है.

Advertisement

आजतक से जुड़े सोनू सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, भोजपुर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की. पीड़ित परिवार शुरुआत से ही मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा था. एसटीएफ जवान अक्षय कुमार पर सीधा गोली चलाने का आरोप है. उसकी गिरफ्तारी के बाद अब एनकाउंटर टीम में शामिल दूसरे पुलिसकर्मियों पर भी शिकंजा पूरी तरह कस गया है.

भरत तिवारी एनकाउंटर केस

17 जून को बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत त‍िवारी का एनकाउंटर कर द‍िया था. पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी हथियार लेकर घूम रहे थे और पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे. घटना से पहले भरत ने फेसबुक लाइव किया था. इसी लाइव में दिखता है कि भरत अपना पिस्टल पुलिस की तरफ फेंककर सरेंडर कर देते हैं. यहां लाइव बंद हो जाता है. हालांकि पुलिस का दावा है कि भरत ने फायरिंग करने की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने पैर में गोली मारी. इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

Advertisement

ये भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में नया मोड़, फेसबुक वीडियो डिलीट, सबूत मिटाने की कोशिश?

फर्जी एनकाउंटर का आरोप

भरत के परिवार ने 'फर्जी एनकाउंटर' का आरोप लगाया. परिजनों का कहना है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी. इस मामले में तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार शर्मा और थानाध्यक्ष सहित पांच पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और चार पुल‍िसकर्मी निलंबित किए गए. डीएसपी राजेश कुमार शर्मा को पद से हटा दिया गया.

इस मामले में पटना हाईकोर्ट के र‍िटायर्ड जज, जस्टिस वी.के. सिन्हा की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित हुआ. जो अब तक परिजनों और चश्मदीदों सहित 7 गवाहों के बयान दर्ज कर चुका है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है.  

Advertisement

वीडियो: भरत तिवारी एनकाउंटर से पहले का फेसबुक लाइव वीडियो हुआ डिलीट

Advertisement