भारत रत्न से सम्मानित हो चुके वैज्ञानिक प्रोफेसर CNR राव को 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) का कोई नोटिस नहीं मिला है. डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के चीफ कमिश्नर एम. महेश्वर राव ने यह जानकारी दी है.
'भारत रत्न' वैज्ञानिक सीएनआर राव को SIR नोटिस मिला? चुनाव अधिकारी ने ये बताया
Professor CNR Rao SIR notice: कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि कर्नाटक में वोटर लिस्ट के SIR के दौरान प्रोफेसर के नाम की स्पेलिंग में अंतर की वजह से उन्हें नोटिस दिया गया. उन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के पास मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए बुलाने की खबर थी.

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि कर्नाटक में वोटर लिस्ट के SIR के दौरान प्रोफेसर के नाम की स्पेलिंग में अंतर की वजह से उन्हें नोटिस दिया गया. उन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के पास मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए बुलाने की खबर थी.
अब चुनाव अधिकारी की तरफ से इन दावों को गलत बताया गया है. डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर महेश्वर राव ने साफ किया है कि बेंगलुरु शहरी जिले के मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट के SIR के सिलसिले में प्रोफेसर को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. .
प्रेस नोट में कहा गया,
सम्मानित भारत रत्न पुरस्कार विजेता प्रोफेसर सीएनआर राव, 157 - मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 59 के वोटर हैं. मौजूदा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम "Proff सीएनआर Rao, पिता Nagesh Rav. H" के तौर पर दर्ज है, जबकि 2002 की वोटर लिस्ट में यह नाम "Rama पिता H. Nagesh" के तौर पर दर्ज था.
SIR प्रोसेस के दौरान, राज्य SVEEP नोडल ऑफिसर, कमिश्नर (बेंगलुरु वेस्ट सिटी कॉर्पोरेशन), ERO (मल्लेश्वरम) और पार्ट नंबर 59 के BLO ने उनके घर जाकर उन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म सौंपा. उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए हमने उन्हें या उनके परिवार के सदस्यों को कोई नोटिस नहीं भेजा.
प्रेस नोट में बताया कि BLO ने कोई नोटिस नहीं दिया. उनका नाम शामिल करने के लिए BLO ने AERO (एडिशनल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) को फाइनल मंजूरी देने की सिफारिश की. 8 सितंबर को AERO ने फाइनल रोल में नाम जोड़ने के लिए रिकॉर्ड को मंजूरी दे दी.
जब खबरों में प्रोफेसर CNR राव को नोटिस मिलने की बात कही जा रही थी, तब इंडिया टुडे के पत्रकार सगय राज ने उनके ऑफिस के प्रतिनिधि से बात की थी. उन्होंने बताया था कि उन्हें कोई नोटिस मिलने की जानकारी नहीं है. ऑफिस के रिकॉर्ड और ईमेल में भी देखा, लेकिन अभी तक कोई नोटिस नहीं आया है. कोई फिजिकल लेटर भी नहीं मिला है.
कौन हैं प्रोफेसर CNR राव ?बेंगलुरु के बसवनगुडी में जन्मे 92 साल के सीएनआर राव सॉलिड स्टेट और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री में अपने काम के लिए जाने जाते हैं. वे भारत रत्न पाने वाले तीसरे वैज्ञानिक हैं. उन्हें अपने क्षेत्र में लगभग हर बड़ा पुरस्कार मिल चुका है, सिवाय नोबेल प्राइज के. उन्हें मिले कई सम्मानों में पद्म विभूषण, पद्म श्री और कर्नाटक रत्न के साथ-साथ कई अन्य पुरस्कार भी शामिल हैं.
सीएनआर राव ने वैश्विक स्तर पर, और खासकर बेंगलुरु में विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने प्रतिष्ठित IISc का नेतृत्व किया और जक्कूर में जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) की स्थापना की. इसवे वे संस्थापक अध्यक्ष रहे.
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प्रोफेसर राव ने भारत की विज्ञान नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है. वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के सदस्य थे. बाद में उन्होंने चार प्रधानमंत्रियों की वैज्ञानिक सलाहकार परिषदों का नेतृत्व किया. इन पूर्व प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं राजीव गांधी, एच.डी. देवगौड़ा, आई.के. गुजराल और मनमोहन सिंह.
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