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30 करोड़ मजदूरों का चक्का जाम, घर से निकलने से पहले पढ़ लो क्या बंद-क्या खुला?

किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) भी साथ हैं. वो भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी विरोध कर रहे हैं. उनका दावा है कि ये किसानों को बर्बाद कर देगी.

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बंद चार नए लेबर कोड के खिलाफ है, जो सरकार ने 2025 में लागू किए. (फोटो- ANI)

12 फरवरी 2026 को पूरे देश में भारत बंद है. ये ट्रेड यूनियन से जुड़े लोगों और किसानों ने मिलकर बुलाया है. अनुमान है कि 30 करोड़ से ज्यादा मजदूर और किसान इस हड़ताल में शामिल हैं. बंद में 10 बड़े केंद्रीय ट्रेड यूनियन हिस्सा ले रहे हैं. 

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‘भारत बंद’ क्यों बुलाया गया?

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक ये बंद चार नए लेबर कोड के खिलाफ है, जो सरकार ने 2025 में लागू किए. यूनियन वाले कहते हैं कि ये कानून मजदूरों के हक छीन रहे हैं. आसानी से निकाल सकते हैं, जॉब सिक्योरिटी खत्म, वर्किंग कंडीशन खराब.

इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम वापस लाने की डिमांड भी है. न्यूनतम वेतन, किसानों को MSP की गारंटी, बेरोजगारों को रोजगार का हक, बिजली बिल 2025 में स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की जा रही है. साथ ही ये भी डिमांड है कि 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाए, बीज बिल 2025 से बीजों की कालाबाजारी रोकी जाए और मनरेगा को कमजोर ना करने की मांग की गई है.

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किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) भी साथ हैं. वो भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी विरोध कर रहे हैं. उनका दावा है कि ये किसानों को बर्बाद कर देगी. कुल मिलाकर, मजदूर-किसान एकजुट होकर सरकार को घेर रहे हैं.

‘भारत बंद’ में कौन-कौन शामिल हैंं?

इस बंद में 10 बड़े केंद्रीय ट्रेड यूनियन शामिल हैं. INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC शामिल हैं. बैंक यूनियन भी हैं. जैसे AIBEA, AIBOA, और BEFI. किसान संगठन SKM और कई अन्य फार्मर ग्रुप्स भी जुड़े हैं.

मतलब, फैक्ट्री, बैंक, ट्रांसपोर्ट, खेत-खलिहान सब कुछ हिल रहा है.

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क्या बंद रहेगा, क्या खुलेगा?  

सरकारी दफ्तर, सरकारी स्कूल-कॉलेज (कई जगह छुट्टी घोषित), थोक मंडियां, ज्यादातर दुकानें-बाजार (खासकर यूनियन वाले इलाकों में), पब्लिक ट्रांसपोर्ट (बसें, लोकल ट्रेनें प्रभावित), सरकारी बैंक (कामकाज धीमा या बंद) सब बंद रहेंगे.

वहीं, अस्पताल, एम्बुलेंस, एयरपोर्ट, फ्लाइट्स, प्राइवेट ऑफिस, Ola-Uber जैसी प्राइवेट कैब, कई प्राइवेट स्कूल-कॉलेज, ऑनलाइन बैंकिंग-UPI-ATM (लेकिन ब्रांच में दिक्कत हो सकती है), जरूरी सेवाएं जैसे दूध-रोटी वाली दुकानें कुछ जगह खुली रह सकती हैं.

शेयर बाजार भी खुलेगा, लेकिन बैंकिंग सर्विसेज में देरी हो सकती है.

कुल मिलाकर, घर से निकलने से पहले दो बार सोच लो. जरूरी काम हो तो पहले चेक कर लो लोकल न्यूज या पुलिस से. कहीं चक्का जाम न लग जाए. यूनियन वाले कह रहे हैं ये बंद मजदूर-किसान की आवाज है. सरकार सुन ले तो अच्छा, वरना ऐसे बंद और आने वाले हैं.

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