बेंगलुरु की 2 लड़कियां इसी साल जनवरी में घर से कॉलेज के लिए निकलीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. दोनों में से एक नाबालिग है. अब करीब 8 महीने बाद एक लड़की को CID ने बरामद कर लिया है. लड़की शादीशुदा और प्रेग्नेंट है. हाई कोर्ट में पेशी के बाद उसे घर वालों को सौंप दिया गया है. बताया गया कि लड़की अपना फोन छोड़कर घर से चली गई थी, फिर भी उसे OTP की मदद से ढूंढा गया. आगे बताएंगे ये कैसे हुआ.
परेशान बेटी ने मां-बाप के साथ मोबाइल भी छोड़ दिया, 8 महीने बाद OTP की मदद से मिली
बताया गया कि दोनों लड़कियां घर से जाते समय अपना मोबाइल, ATM या कोई भी ऐसी चीज लेकर नहीं गई थीं जिससे उन्हें ट्रेस किया जा सके. वे अपने साथ सिर्फ आधार कार्ड और कॉलेज बैग लेकर निकली थीं.

युवती का नाम तनिष्का है. वो PUC सेकंड ईयर की छात्रा है. 31 जनवरी को वो अपनी एक नाबालिग दोस्त के साथ गायब हो गई थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तनिष्का के माता-पिता ने उसकी खोज के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने उसे खोजने की जिम्मेदारी CID को सौंपी.
बताया गया कि दोनों लड़कियां घर से जाते समय अपना मोबाइल, ATM या कोई भी ऐसी चीज लेकर नहीं गई थीं जिससे उन्हें ट्रेस किया जा सके. वे अपने साथ सिर्फ आधार कार्ड और कॉलेज बैग लेकर निकली थीं.
CID को केस सौंपे जाने के पहले विद्यारण्यपुरा पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग की FIR दर्ज की गई. इसके बाद 10 लोगों की एक टीम बनाई गई. टीम ने करीब 100 लोकेशन्स पर लड़कियों की तलाश की. इनमें मुंबई, चेन्नई, कोयंबटूर, वाराणसी, केरल, चामराजनगर और मैसूर जैसे शहरों की लोकेशन्स शामिल हैं. लेकिन लड़कियों का कोई सुराग नहीं मिला.
इसके बाद तनिष्का के पेरेंट्स हाई कोर्ट पहुंचे और मामले को CID को सौंप दिया गया. जांच के दौरान CID को एक OTP से मदद मिली. दरअसल हाल ही में तनिष्का ने एक सरकारी योजना के लाभ के लिए अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था. उसी का OTP उसके पति के फोन पर आया था. इसी के जरिए CID उसके पति के पास पहुंची और तनिष्का के बारे में पता चला.
तनिष्का ने बताया कि उसका परिवार उसे नजरअंदाज करता था. पढ़ाई में अच्छी न होने की वजह से वो उसे डांटते थे और उसकी बड़ी बहन को ज्यादा पसंद करते थे जो पढ़ने में अच्छी थी.
वहीं नाबालिग लड़की के बारे में CID ने बताया कि वो अपने पेरेंट्स की इकलौती बेटी है. तनिष्का से CID को पता चला कि दूसरी लड़की के पैरेंट्स को कथित तौर पर बेटा चाहिए था. इसी वजह से उसे भी नजरअंदाज होने जैसा महसूस होता था. एक सीनियर अधिकारी ने बताया,
‘लड़कियां पहले मैसूर के एक मंदिर गईं. अगले दिन चामराजनगर के एक मंदिर गईं और उसके बाद माले महादेश्वरा हिल्स चली गईं. उनकी मंशा आत्महत्या करने की थी, लेकिन उन्हें वहां दो लड़के मिले. दोनों लड़कों ने उन्हें आत्मघाती कदम उठाने से रोक दिया.’
इसके बाद दोनों लड़कियां अलग हो गईं और उन लड़कों के साथ अलग-अलग चली गईं. तनिष्का जिस लड़के से मिली थी उसी से एक मंदिर में शादी कर ली. बाद में दोनों कनकपुरा तालुक के अपने गांव में रहने लगे. वो इस समय प्रेग्नेंट है. हाई कोर्ट में पेशी के बाद CID ने उसके परिवार को सौंप दिया है. दूसरी लड़की अब भी लापता है. CID उसकी खोज में लगी हुई है.
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