ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे. वहां भारत का प्रतिनिधित्व बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा करेंगे. उनके साथ विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी होंगे.
अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में पीएम मोदी नहीं, बिहार से ये दो लोग जाएंगे
Ayatollah Ali Khamenei funeral: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का जुलाई में अंतिम संस्कार होगा. भारत की तरफ से बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा शामिल होंगे. ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को निमंत्रण भेजा था.


86 वर्षीय खामेनेई फरवरी में अपने परिसर में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए थे. मार्च में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक होना था. लेकिन उस समय चल रहे युद्ध के कारण इसे टाल दिया गया.
4-9 जुलाई तक चलेगी सेरेमनीअब 4 जुलाई को तेहरान में खामेनेई का अंतिम संस्कार शुरू होगा, जो 9 जुलाई को उन्हें दफनाए जाने के साथ समाप्त होगा. इसमें 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में होने वाले रीति-रिवाज और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी शामिल हैं.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 4 से 9 जुलाई के बीच होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था. अब इंडियन एक्सप्रेस ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि पीएम मोदी इसमें शामिल नहीं होंगे. उनका उसी दौरान कई देशों में एक दौरा पहले से तय है.
पेजेश्कियान की तरफ से मिलने वाले औपचारिक निमंत्रण में भारत, चीन, कतर, रूस, फ्रांस और पाकिस्तान शामिल हैं. पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की थी कि एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अंतिम संस्कार में शामिल होगा.
2016 में हुई थी ईरान की यात्रापीएम मोदी 2016 में ईरान की आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर गए थे. तब उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई और तत्कालीन राष्ट्रपति हसन रूहानी से मिलकर चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर साइन किए थे. इसमें अफगानिस्तान भी शामिल था.
दो साल बाद फरवरी 2018 में राष्ट्रपति रूहानी ने पीएम मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा की थी. उस समय वे नई दिल्ली और हैदराबाद गए. पीएम मोदी और पेजेश्कियान की पिछली मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. तब प्रधानमंत्री ने पेजेश्कियान को भारत आने का निमंत्रण दिया था.
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तेहरान की तरफ से मिले निमंत्रण पर माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बदलते हालात के बावजूद ईरान भारत पर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदार के तौर पर भरोसा बनाए हुए है.
क्या पिता के अंतिम संस्कार में बेटा होगा शामिल?खामेनेई की विदाई पर एक सवाल बना हुआ है. क्या उनके बेटे मोजतबा इसमें शामिल होंगे? 56 साल के मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी के हवाई हमले में घायल हो गए थे. अटैक में उनके पिता और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे. ईरान के सरकारी मीडिया और अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें चेहरे का बुरी तरह बिगड़ना और पैर में घाव शामिल हैं.
पिता की मौत के कुछ समय बाद सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से मोजतबा न तो सार्वजनिक रूप से, न ही किसी वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग में दिखाई दिए हैं. उनसे जुड़े बयान भी सरकारी टेलीविजन या सरकारी मीडिया की वेबसाइट पर समाचार एंकर पढ़कर सुनाते रहे.
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