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मानसून फिर हुआ एक्टिव, किन राज्यों तक पहुंचा और क्यों हुई बारिश में इस बार देरी?

Delhi समेत उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी और सूखा अब खत्म होने वाला है. मानसून फिर से एक्टिव होकर आगे बढ़ रहा है और जल्द ही इससे राहत मिलेगी. IMD का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में दिल्ली-एनसीआर में बारिश हो सकती है.

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दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत को जल्द ही गर्मी से राहत मिल सकती है. (फोटो: PTI)

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  • उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में हीटवेव के बीच मानसून सक्रिय हो गया है और अगले दो से तीन दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में पहुंचने का अनुमान है।
  • जून के पहले पन्नीस दिनों में मानसून कमजोर रहा क्योंकि समुद्र से नमी लाने वाली हवाएं धीमी हो गईं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से बारिश सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम हुई।
  • मानसून के सक्रिय होने से 2 जुलाई के आसपास दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है जिससे गर्मी में राहत मिल सकती है और मानसून जुलाई की शुरुआत तक उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में पहुंच सकता है।

दिल्ली समेत उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य हीटवेव की चपेट में है. राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. जून का महीना काफी हद तक सूखा और उतार-चढ़ाव वाला रहा. अब भारत में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है और देश के बाकी हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, जल्द ही इस गर्मी से राहत मिल सकती है.

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किन राज्यों में होगी बारिश?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही पहाड़ी इलाकों और कुछ पश्चिमी राज्यों में बारिश होने की संभावना है. इससे मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों की उम्मीदें जाग गई हैं. IMD के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश और बाकी छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में पहुंच सकता है. इसके तुरंत बाद यह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान तक पहुंच जाएगा.

जून में मानसून ‘गायब’ क्यों रहा?

मौसम विभाग ने बताया है कि 4 से 22 जून के बीच देश में सामान्य 97.6 mm के मुकाबले सिर्फ 53.1 mm बारिश हुई. यह 46 प्रतिशत की कमी है. इसकी वजह कमजोर मौसम था. समुद्र की नमी को अंदर ले जाने वाली हवाएं धीमी पड़ गईं, बारिश कराने वाले सिस्टम कम बने और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने मानसून को पटरी से उतार दिया. इसी वजह से बारिश कम हुई या बिल्कुल नहीं हुई.

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दिल्ली में मानसून कब पहुंचेगा?

राजधानी इस सिस्टम के सबसे उत्तर-पश्चिमी छोर पर है, इसलिए इसे अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है. IMD को उम्मीद है जैसे ही ट्रफ (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) मजबूत होगा और 2 जुलाई के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) आएगा, वैसे ही दिल्ली में बारिश होगी और गर्मी से राहत मिलेगी.

दिल्ली में आमतौर पर मानसून की पहली बारिश लगभग 27 जून को होती है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिमी भारत के ज्यादातर हिस्सों में आमतौर पर जून के आखिर या जुलाई के पहले हफ्ते तक बारिश हो जाती है. इस बार भी अगर हालात ठीक रहे तो जुलाई की शुरुआत तक उत्तरी भारत के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है.

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