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पहलगाम हमले के बाद से असम में 50 से ज्यादा लोग गिरफ्तार, पत्रकार, सोशल वर्कर के अलावा MLA भी शामिल

CM हिमंता बिस्वा सरमा गिरफ्तार हुए लोगों को "भारत की धरती पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे देशद्रोही" बता रहे हैं. उन्होंने जिला प्रशासन को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत रिपीट ऑफेंडर (बार-बार अपराध करने वाले) पर कार्रवाई का अधिकार दे दिया है.

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असम में सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर गिरफ्तारी. (तस्वीर : इंडिया टुडे)

पहलगाम आतंकी हमले के बाद से असम पुलिस ‘पाकिस्तान समर्थक’ पोस्ट करने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा रोज इन गिरफ्तारियों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि राज्य के 21 अलग-अलग जिलों में अब तक 50 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में स्टूडेंट्स, जर्नलिस्ट, सोशल वर्कर और एक फीमेल जर्नलिस्ट भी शामिल हैं. अखबार ने बताया है कि कुछ को बीजेपी के छात्र संगठन ABVP की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक इन गिरफ्तारियों की शुरुआत AIUDF के विधायक अमीनुल इस्लाम से हुई. आरोप के मुताबिक 24 अप्रैल को अमीनुल ने एक रैली के दौरान पहलगाम हमले को ‘केंद्र सरकार की साजिश’ बताया. इसके बाद उन्हें BNS की धारा 152 के तहत हिरासत में ले लिया गया. इस धारा के अंतर्गत ‘भारत की स्वतंत्रता, एकता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले काम’ के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

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CM हिमंता बिस्वा सरमा गिरफ्तार हुए लोगों को ‘भारत की धरती पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे देशद्रोही’ बता रहे हैं. साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत रिपीट ऑफेंडर (बार-बार अपराध करने वालों) पर कार्रवाई का अधिकार दे दिया है.

अपनी हालिया पोस्ट में गिरफ्तारियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कैप्शन दिया,

‘दुश्मन के प्रति सहानुभूति रखने का कोई भी काम देशद्रोह है.’

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सोशल मीडिया की निगरानी के लिए असम पुलिस ने स्पेशल सेल बनाया है. गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और कछार में तीन साइबर पुलिस आउटपोस्ट बनाए गए हैं. साथ ही पुलिस मुख्यालय में स्थित Cyberdome भी सक्रिय है.

वहीं कुछ मामलों में लोगों ने सीधे पुलिस को टैग कर आपत्तिजनक पोस्ट की रिपोर्ट की है. ऐसी ही एक गिरफ्तारी रहमान नाम के व्यक्ति की हुई. उसकी कथित आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट पर लोगों ने 24 अप्रैल को पुलिस को टैग कर रिपोर्ट कर दिया. जिसके 10 दिन बाद तेलंगाना के लक्ष्मीपुर से रहमान की गिरफ्तारी हो गई. बरपेटा के SP सुशांत बिस्वा सरमा ने रहमान की पोस्ट को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया.

इसी तरह बराक घाटी में दो छात्रों को ABVP के सदस्यों की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया. वहीं हेलाकांडी में स्थानीय बंगाली अखबार से जुड़े पत्रकार जाबिर हुसैन, किसान मुक्ति संग्राम समिति के युवा नेता अनिल बनिया और पूर्व महिला पत्रकार डिंपल बोहरा की भी गिरफ्तारी की गई. सबसे अधिक 7 गिरफ्तारियां अकेले कछार जिले से हुई हैं, जो कि बंगाली बहुल इलाका है.

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