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बाढ़ से असम में भारी तबाही! 68 लोग डूबे, 5 लाख से ज्यादा प्रभावित, 763 गांवों तक पहुंचा पानी

Assam floods: इस साल असम में बाढ़ से 68 लोगों की जान गई है. बाढ़ का सबसे ज्यादा असर चराइदेव जिले पर पड़ा है, जहां करीब 1 लाख 90 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. अब असम के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया है कि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है.

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असम में दिखा बाढ़ का कहर. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • असम में बाढ़ की स्थिति 26 जुलाई तक बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी चार जिलों में 524700 से अधिक लोग प्रभावित हैं और राहत शिविरों में 37724 विस्थापितों का ठहराव है।
  • असम में हालिया बाढ़ के कारण 48742.09 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है, साथ ही तटबंध, सड़कें और पुल नष्ट हो गए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों का संपर्क कट गया है।
  • सरकार ने बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए सुरक्षा जांच के बाद प्रभावित जिलों में कार्रवाई शुरू कर दी है, और सेना व आपदा प्रबंधन टीमें लगातार बचाव कार्य कर रही हैं।

‘जल ही जीवन है’. लेकिन जब वही पानी बाढ़ बनकर आता है, तो अपने साथ भारी तबाही भी लाता है. घर डूब जाते हैं, खेत बर्बाद हो जाते हैं और लोगों की पूरी ज़िंदगी ठहर जाती है. इन दिनों असम के हजारों परिवार इसी दर्द से गुजर रहे हैं. पानी भले धीरे-धीरे उतर रहा हो, लेकिन मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं. लोग अब भी राहत शिविरों में हैं, गांवों का संपर्क टूटा हुआ है और हर किसी के मन में एक ही सवाल है. ज़िंदगी फिर से पटरी पर कब लौटेगी?

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असम में बाढ़ के हालात 26 जुलाई को पहले के मुकाबले बेहतर हुए हैं, लेकिन परेशानी अभी भी बड़ी है. ASDMA यानी Assam State Disaster Management Authority के मुताबिक, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिलों में बाढ़ से 5 लाख 24 हजार 700 से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. 25 जुलाई तक छह जिलों में करीब 6 लाख 55 हजार लोग बाढ़ की चपेट में थे. 

कितने लोग बाढ़ से प्रभावित?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ की वजह से दो और मौतें हुई हैं. दोनों लोगों की डूबने से जान गई. ये घटनाएं चराइदेव जिले में हुईं. इसके साथ ही इस साल असम में बाढ़ से 68 लोगों की जान गई है.
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर चराइदेव जिले पर पड़ा है, जहां करीब 1 लाख 90 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद शिवसागर में डेढ़ लाख से ज्यादा और जोरहाट में करीब 1 लाख 40 हजार लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं.

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असम में बाढ़ की एक तस्वीर. 

लोगों की मदद के लिए प्रशासन ने चार जिलों में 354 रिलीफ कैंप यानी राहत शिविर और सहायता वितरण केंद्र चलाए हैं. इन शिविरों में 37 हजार 724 विस्थापित लोगों के ठहरने का इंतजाम किया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन भी लगातार जारी है. सेना, NDR, SDRF, फायर और इमरजेंसी सर्विस और पुलिस की टीमें अपर असम के अलग-अलग इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाल रही हैं.

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हिमंता बिस्वा सरमा ने क्या कहा?

इसी बीच 26 जुलाई को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजली बहाली और राहत कार्यों को लेकर X पर एक अपडेट दिया है. उन्होंने लिखा,

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‘असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है और हालात सामान्य हो रहे हैं. बाढ़ के दौरान एहतियात के तौर पर जिन इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद की गई थी. हमारी टीमें शिवसागर, जोरहाट, चराइदेव, धुबरी, बोंगाईगांव और दूसरे प्रभावित इलाकों में सुरक्षा जांच के बाद बिजली सप्लाई बहाल कर रही हैं.’

ASDMA के मुताबिक, इस समय राज्य के 763 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं. बाढ़ की वजह से 48 हजार 742.09 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है. कई जगहों पर तटबंध, सड़कें, पुल और दूसरे बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ का असर सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है. ASDMA के मुताबिक, राज्य में 88 हजार 240 पालतू जानवर और पोल्ट्री भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं.

वीडियो: असम में बाढ़ से तबाही, कई मौतें, लाखों लोग प्रभावित, 100 लापता

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