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'कांग्रेस अध्यक्ष बनने ही वाला था कि साजिश हो गई', अशोक गहलोत का बड़ा खुलासा

Ashok Gehlot का कहना है कि उन्हें अध्यक्ष बनाने का फैसला भी हो चुका था, लेकिन एक साजिश की वजह से सब कुछ पलट गया. और आज भी लोग असली सच नहीं जानते कि उस समय ऐन वक्त पर बाजी कैसे पलट गई थी.

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अशोक गहलोत ने कहा कि वो राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहते थे

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने खुलासा किया है कि वह कांग्रेस का अध्यक्ष बनना चाहते थे लेकिन एक साजिश के कारण वो बन नहीं पाए. अपने बयान के साथ अशोक गहलोत ने एक पुराने विवाद पर नई चर्चा छेड़ दी है. ये कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के समय की घटना है. अशोक गहलोत ने याद किया कि कैसे वो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते-बनते रह गए थे. अगर सब ठीक रहता तो आज वही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होते. 

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गहलोत ने कहा कि उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला भी हो चुका था, लेकिन एक साजिश की वजह से सब कुछ पलट गया. आज भी लोग असली सच नहीं जानते कि उस समय ऐन वक्त पर बाजी कैसे पलट गई थी. 

कुछ साल पहले कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में था. उस वक्त सोनिया गांधी और कांग्रेस की टॉप लीडरशिप ने अशोक गहलोत को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का मन बना लिया था. गहलोत खुद भी इस पद के लिए तैयार थे और उन्होंने इसे सम्मान की बात मानी थी लेकिन अध्यक्ष चुनने से पहले पार्टी ने राज्य में पर्यवेक्षक यानी ऑब्जर्वर भेजे थे. अशोक गहलोत ने खुद बताया कि इसके बाद हालात तेजी से बदल गए. गहलोत के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ी साजिश थी. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,

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मैं कांग्रेस प्रेसिडेंट बन रहा था, पर मैं नहीं हूं. गांधी जी रहे हों. पंडित नेहरू रहे हों. कौन नहीं रहा इस पद पर. तो मुझे बनाया जाएगा तो मैं मना थोड़ी करूंगा. मैं मना करूंगा? वो तो एक कॉन्सपिरेसी थी. मुझे लगता है कि वो साजिश हुई थी. अचानक ऑब्जर्वर आ गए. अचानक ये तमाशा हो गया. लोग समझते हैं कि मैंने खुद ही अध्यक्ष पद से मना कर दिया, क्योंकि मैं राजस्थान का मुख्यमंत्री रहना चाहता था.

गहलोत का कहना है कि इस पूरे मामले की असली सच्चाई आज भी बहुत कम लोगों को पता है. वो लगातार लोगों को समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जो धारणा बन चुकी है वो आसानी से नहीं हटेगी. उनके मुताबिक, वो इसलिए नहीं चूके क्योंकि उनकी इच्छा नहीं थी. बल्कि परिस्थितियां और साजिश इसके लिए जिम्मेदार थीं.

वीडियो: अशोक गहलोत और गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच सुलह हो गई!

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