ईरान में तनाव जारी है. अमेरिका का दबाव भी ईरान पर बढ़ रहा है. कई अमेरिकी एयरक्राफ्ट मध्य-पूर्व के क्षेत्र में ईरान के आसपास पहुंच चुके हैं. इस बीच अमेरिकी मीडिया ब्लूमबर्ग ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की कथित अकूत संपत्तियों का पता लगाया है. दावा है कि मोज्तबा ने फर्जी कंपनियों और दूसरे नामों के जरिए लंदन, यूरोप और मिडिल ईस्ट में बड़ा फाइनेंसियल नेटवर्क बनाया है.
खामेनेई के बेटे की अरबों की संपत्ति, यूरोप में होटल, दुबई में विला, इस खुलासे पर ईरान में बवाल तय!
Iran Ayatollah Ali Khamenei को वहां की सरकारी मीडिया एक आदर्श और सादा जीवन जीने वाले इंसान के रूप में दिखाती है. उनके परिवार के बारे में भी यही बातें कही जाती हैं. लेकिन एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट ने जो खुलासे किए हैं, वह चौंकाने वाले हैं. ये खुलासे अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई को लेकर हैं.


इस नेटवर्क में लंदन में लग्जरी घर, यूरोप में महंगे होटल और मिडिल ईस्ट में प्राइम रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज शामिल हैं. ब्लूमबर्ग का कहना है कि उसने एक साल की जांच के बाद इन संपत्तियों का पता लगाया है. रिपोर्ट के मुताबिक मोज्तबा का फाइनेंशियल नेटवर्क तेहरान से दुबई और फ्रैंकफर्ट तक फैला हुआ है. उत्तरी लंदन के द बिशप्स एवेन्यू पर उनकी कई प्रॉपर्टीज हैं, जो शेल कंपनियों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं. यहां कई कोठियां हैं, जिनमें प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स पहरेदारी करते हैं.
सीधे मालिकाना हक नहीं हैब्लूमबर्ग के अनुसार सीधे तौर पर इन प्रॉपर्टी के मालिक मोज्तबा खामेनेई नहीं हैं. लेकिन पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि इनके लेन-देन में सीधे तौर पर मोज्तबा शामिल रहे हैं. 56 साल के मोज्तबा खामेनेई अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं और उन्हें ही अयातुल्ला का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में ब्लूमबर्ग के हवाले से बताया गया है कि मोज्तबा पर 2019 में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे. इसके बावजूद उन्होंने 100 मिलियन पाउंड से ज्यादा का विदेशी निवेश कर रखा है. इनमें ब्रिटिश प्रॉपर्टी, दुबई में एक विला और पूरे यूरोप में लग्जरी होटल शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इन प्रॉपर्टीज को खरीदने के लिए यूके, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और UAE के बैंकों के जरिए फंड भेजा गया. इसका ज्यादातर पैसा ईरानी तेल की बिक्री से आया था. ब्लूमबर्ग ने जो डॉक्यूमेंट्स एक्सेस किए हैं, उनसे पता चलता है कि 2014 में अकेले लंदन की एक प्रॉपर्टी 33.7 मिलियन यूरो में खरीदी गई थी.
किसके नाम पर हैं संपत्तियां?गौर करने वाली बात यह है कि किसी भी प्रॉपर्टीज के रिकॉर्ड में मोज्तबा खामेनेई का नाम मालिक के तौर पर दर्ज नहीं है. बल्कि कई संपत्तियां अली अंसारी नाम के व्यक्ति से जुड़ी हैं, जो कि ईरान का एक बड़ा बिल्डर है. उस पर पिछले साल यूके ने प्रतिबंध भी लगाया था. ब्लूमबर्ग के मुताबिक ब्रिटिश अधिकारियों ने अली अंसारी को एक भ्रष्ट ईरानी बैंकर और बिजनेसमैन बताया है. उस पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आर्थिक सहायता देने का भी आरोप है. हालांकि अंसारी पर EU या अमेरिका ने प्रतिबंध नहीं लगाया है.
बताया गया है कि अली अंसारी ने UAE, Isle of Man और कैरेबियन में रजिस्टर्ड कंपनियों के जरिए विदेशों में पैसा भेजने में अहम भूमिका निभाई. उसने इन कंपनियों का इस्तेमाल कर पूरे यूरोप में रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी संपत्तियां खरीदीं. इनमें फ्रैंकफर्ट और मलोरका के होटल भी शामिल हैं. हालांकि अली अंसारी ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. उसने अपने वकील के जरिए ब्लूमबर्ग को बताया कि उनका कभी भी मोज्तबा खामेनेई के साथ कोई फाइनेंशियल या पर्सनल रिश्ता नहीं रहा है. यह भी कहा कि वह यूके के प्रतिबंधों को चुनौती देंगे.
ब्लूमबर्ग का दावा है कि उसने लंदन में इस नेटवर्क से जुड़ी एक दर्जन से अधिक प्रॉपर्टीज का पता लगाया है. साथ ही जर्मनी और स्पेन में होटलों की भी जानकारी जुटाई है. एक यूरोपीय अधिकारी ने ब्लूमबर्ग को बताया कि UK अली अंसारी के एसेट फ्रीज कर चुका है. अगर आगे और प्रतिबंध लगते हैं तो उसकी यूरोप की संपत्तियां जबरन बेची भी जा सकती हैं.
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ब्लूमबर्ग के मुताबिक अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे की संपत्तियों का नेटवर्क उनकी ईरान में बनाई गई छवि से बिल्कुल उलट है. ईरान की सरकारी मीडिया उन्हें सुप्रीम लीडर और उनके परिवार को सादगी से जीवन जीने वाले के रूप में दिखाती है. उन्हें 1979 की क्रांति के आदर्श के रूप में दिखाया जाता है, जिसने राजशाही को उखाड़ फेंका था. उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया जाता है, जो फिजूलखर्ची से बहुत दूर है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक इस बात के बहुत कम सबूत हैं कि उनके परिवार ने अपनी विदेशी होल्डिंग्स का इस्तेमाल शानदार जीवन जीने के लिए किया. ये खुलासे ईरान में पहले से भ्रष्टाचार और महंगाई को लेकर बढ़ते जनता के गुस्से के बीच हुए हैं. हो सकता है कि इन रिपोर्ट्स के बाद आक्रोश और बढ़ जाए.
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