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एयर इंडिया का विमान टेकऑफ के घंटों बाद वापस लौटा, पता चला 6 साल तक उड़ा ही नहीं था

27 मई को एयर इंडिया की एक फ्लाइट को 9 घंटे तक हवा में उड़ने के बाद वापस बुला लिया गया. यह फ्लाइट दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जा रही थी. विमान के ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) ने काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते इसे वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा.

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एयर इंडिया का विमान छह साल तक नागपुर में ग्राउंडेड रहा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर, इंडिया टुडे)

एयर इंडिया की एक फ्लाइट 27 मई को दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जा रही थी. लेकिन हवा में करीब 9 घंटे बिताने के बाद विमान को वापस दिल्ली आने के लिए मजबूर होना पड़ा. ये ‘बोइंग 777 -300ER VT-ALL’ विमान था. अब पता चला है कि इस साल की शुरुआत में वापस सर्विस में लाए जाने से पहले छह साल तक यह विमान ग्राउंडेड रहा था.

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बोइंग 777 -300ER VT-ALL  स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते नागपुर के AIESL फ्लाइट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरह डिपो में छह साल तक ग्राउंडेड रहा था. यह विमान फरवरी 2020 में रेगुलर मेंटेनेंस के लिए एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के नागपुर MRO में आया था. उम्मीद थी कि इसे एक महीने के भीतर दुरुस्त करके वापस सर्विस के लिए भेज दिया जाएगा.

6 साल बाद भर पाया उड़ान

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हालांकि उम्मीद के उलट विमान मार्च 2026 तक नागपुर MRO में ही फंसा रहा. इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया मैनेजमेंट पहले ग्राउंडेड विमानों को अक्सर दूसरे विमानों के लिए स्पेयर पार्ट उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल करता था. इस विमान में भी जो कल-पुर्जे दुरुस्त थे, उनको दूसरे विमानों में लगा दिया गया. इसके चलते इस विमान को उड़ान के लिए तैयार होने के लिए आधे दशक से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा.

नागपुर MRO से दोबार उड़ान भरने के बाद यह विमान दिल्ली में दोबारा ग्राउंडेड होने से पहले लगभग 100 उड़ानें पूरी कर चुका था. शुरुआत में इसे घरेलू रूट पर चलाया गया और बाद में इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए तैयार किया गया.

ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम फेल

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27 मई को बोइंग 777 ने जब दिल्ली से उड़ान भरी तो हवा में इसके ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) ने काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते इसे वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा. TCAS एक बेहद जरूरी सिक्योरिटी सिस्टम है. यह विमानों को हवा में एक दूसरे के करीब आने पर कम्यूनिकेशन करने की इजाजत देता है. इसकी मदद से विमानों के बीच होने वाली संभावित टक्कर को रोका जा सकता है. एयर इंडिया से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नागपुर MRO में विमान की रिपेयरिंग े दौरान TCAS सिस्टम की भी जांच की गई थी.

वीडियो: खर्चा-पानी: एयर इंडिया, इंडिगो, एयर इंडिया एक्स्प्रेस कितनी फ्लाइट्स रद्द करने वाले हैं?

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