अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे. अपने भारत दौरे पर मार्को रुबियो मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे. अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि भारत आने से पहले रुबियो उज़्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे. वहां वे सेंट्रल एशिया के 5 देशों के साथ C5+1 मिनिस्ट्रियल बैठक में हिस्सा लेंगे. मई के बाद रुबियो का यह भारत का दूसरा दौरा होगा. मई में उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आ रहे भारत, जयशंकर ने ट्रेड डील पर बड़ा इशारा कर दिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर आ रहे हैं. भारत में वह मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दौरे में रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और निवेश पर चर्चा होगी. इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका ट्रेड बातचीत को नतीजे की ओर बढ़ता बताया है.

भारत में, मार्को रुबियो सरकार के कई सीनियर अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे. साथ ही वो स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप औऱ एनर्जी सेक्टर में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. विदेश विभाग के अनुसार, वो निवेश और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए बिजनेस लीडर्स से भी बात करेंगे. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड पर बात समाधान की ओर बढ़ रही है. ये विजिट ऐसे समय में हो रही है जब, अमेरिका की व्यापार नीति लगातार बदल रही है. ऐसे में ये नीतियां कई देशों को अपने आर्थिक संबंधों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर रही हैं.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ब्लूमबर्ग फोरम में बातचीत के दौरान एस जयशंकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह मामला अब किसी नतीजे की ओर बढ़ रहा है.’
जयशंकर ने कहा कि अमेरिका अपने घरेलू उद्योगों को फिर से खड़ा करने कोशिश कर रहा है. और इसके लिए वो दूसरे देशों के लिए अपने बाजार तक पहुंचने की शर्तों को लगातार बदल रहा है. जयशंकर ने आगे कहा कि हाल के दिनों में अमेरिका ने अपनी स्थिति बदली है. उन्होंने आगे कहा कि सभी देशों को अमेरिका के साथ अपने रिश्तों का फिर से हिसाब-किताब करने की जरूरत है. इससे उन रिश्तों को नए सिरे से तय करने की जरूरत है.
कैसे बनेगी ट्रेड पर सहमतिमार्को रूबियो ने अपनी पिछली भारत यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर पीएम नरेंद्र मोदी और जयशंकर से मुलाकात की थी. 24 मई को जयशंकर के साथ हुई बैठक में रूबियो ने भरोसा जताया था कि दोनों देश एक टिकाऊ व्यापार समझौते तक पहुंच सकते हैं. उन्होंने कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है. अमेरिका को भी उम्मीद है कि ऐसा समझौता हो पाएगा जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो.
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वहीं, एस जयशंकर ने अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही. मई में हुई मीटिंग में ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाने, परमाणु सहयोग, अहम खनिजों, तकनीक और भारतीय यात्रियों की वीजा से जुड़ी चुनौतियों पर बात हुई थी. इस बार की मीटिंग में पिछली मीटिंग से जुड़े फैसलों का एक रिव्यू भी संभव है.
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