The Lallantop

वोटर लिस्ट से नाम हटने पर प्रकाश राज ने बोले, 'अच्छा मजाक चल रहा है...'

Actor Prakash Raj voter list name deleted: एक्टर और अक्सर मोदी सरकार पर हमलावर रहनेवाले प्रकाश राज का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. ऐसा उन्होंने खुद एक वीडियो में दावा किया है. उन्होंने इशारों में इसे साजिश भी बताया.

Advertisement
post-main-image
2019 के लोकसभा चुनाव में प्रकाश राज ने बेंगलुरु सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. (फोटो-इंस्टाग्राम)

एक्टर प्रकाश राज का दावा है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. कर्नाटक में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट से 65 लाख लोगों का नाम रिमूव किया गया है. अभिनेता का दावा है कि लिस्ट से उनका भी नाम हट गया है.

Advertisement

61 साल के एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर यह जानकारी दी है. उनका कहना है कि जिस निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने पढ़ाई की, एक्टिंग सीखी, वहां से ही उनका नाम हटा दिया गया. वीडियो में उन्होंने कहा,

"दोस्तों, साथियों, मैं आपके साथ एक मजाक शेयर करना चाहता हूं. मैं उन 65 लाख वोटरों में से एक हूं. जिनका नाम SIR के बाद बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. अच्छा मजाक है, है ना? मैं इसी निर्वाचन क्षेत्र में पैदा हुआ, यहीं रहा, यहीं स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की, थिएटर किया. बता दूं कि मैं इसी निर्वाचन क्षेत्र से सांसद का उम्मीदवार भी था. खैर, मजाक अच्छा है. खेल शुरू."

Advertisement
प्रकाश राज ने नाम हटाए जाने पर ली चुटकी

आगे उन्होंने कहा कि देखता हूं अपना वोटर आईडी वापस पाने के लिए क्या क्या कागजात दिखाने पड़ेंगे. कैप्शन में उन्होंने लिखा, आप कुछ नागरिकों को वोट देने का अधिकार दे सकते हैं. कुछ लोगों से यह अधिकार छीन सकते हैं. शायद वह आपको दोबारा सत्ता में न लाएं. लेकिन क्या आप हमें आपको आपकी जगह से हटाने की कोशिश करने से रोक सकते हैं?’

2019 के लोकसभा चुनाव में प्रकाश राज ने बेंगलुरु सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. हाल ही में अभिनेता के खिलाफ बेंगलुरु की एक अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया था. आरोप था कि उनके पास कई राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं.शिकायतकर्ता ने कहा था कि राज के पास कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों के वोटर आईडी है.

राज्य के लगभग आधे वोटर्स ASDDO लिस्ट में

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, SIR के तहत वोटर लिस्ट में बदलाव करने से बेंगलुरु के लगभग आधे वोटर ASDDO कैटेगरी में आ गए हैं. ASDDO यानी अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट, मृत और अन्य. 

Advertisement

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने बताया, कुल 5,54,32,314 वोटरों में से 1,09,83,901 (19.81 प्रतिशत) वोटर अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके, डुप्लीकेट, मृत या अन्य (ASDDO) श्रेणी में पाए गए हैं. ASDDO मामलों की सबसे ज्यादा संख्या बेंगलुरु अर्बन में पाई गई. यहां SIR से पहले टोटल 40,21,039 वोटरों में से 17,74,626 (44.13 प्रतिशत) मामले दर्ज किए गए.

ये भी पढ़ें: उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मिला SIR का नोटिस

उत्तराखंड में CEO का नाम हटा

उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया के तहत राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) BVRC पुरुषोत्तम को नोटिस जारी किया गया uw. साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक विधायक और कुमाऊं कमिश्नर को भी नोटिस मिला है. CEO पुरुषोत्तम ने लोगों से अपील की है कि नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं. वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का मौका मिलेगा. 

वीडियो: एयर इंडिया फ्लाइट में सिर्फ टर्बुलेन्स की वजह से लोग घायल नहीं हुए, और क्या-क्या हुआ?

Advertisement