The Lallantop

लंदन की लूसी से फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर वाट्सएप पर चैटिंग, धीरे-धीरे ठग लिए लाखों रुपये

Online Scam: पीड़ित के पास एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का वर्कर बताया और कहा कि आपके नाम पर विदेश से पैसे आए हैं. महिला ने कहा कि पैसे रिसीव करने के लिए कुछ फॉर्मेलिटीज पूरी करनी होंगी, जैसे- रजिस्ट्रेशन चार्ज, क्लीयरेंस, प्रोसेसिंग फीस आदि. बस शुरू हो गया ठगी का खेल.

Advertisement
post-main-image
ग्वालियर के झांसी रोड थाने के थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव (दाएं) ने साइबर फ्रॉड की जानकारी दी. (ITG)

वाइट स्किन और सुनहरे बालों वाली लड़की, जो खुद को लंदन का बताती है. उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट आपके पास आए तो क्या करेंगे? वो आपकी अच्छी दोस्त बन जाए और यारी-दोस्ती में पैसों की बात शुरू हो जाए, तब क्या करेंगे? कम से कम पैसों के नाम पर तो दिमाग की घंटी बजेगी ना? और बजनी भी चाहिए. वरना सालों से जो पैसा कमा रहे हैं, मिनटों में गायब हो जाएगा. आपको ये तक पता नहीं चलेगा कि फेसबुक फ्रेंड लंदन की है या आप ही के मोहल्ले का कोई लड़का.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में इसी टाइप की एक घटना हो गई. हरिशंकरपुरम निवासी ठेकेदार कमलकांत यादव को 24 अप्रैल को एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. यूजर नेम था Lucy R Charles. उसने खुद को लंदन का निवासी बताया और डॉक्टर की तरह पेश किया. इधर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, उधर कमलकांत ने एक्सेप्ट कर ली. दोनों में चैटिंग शुरू हुई. दोस्ती गहरी हुई तो रिश्ता फेसबुक से निकलकर वॉट्सऐप तक आ गया. फिर एक दिन लूसी ने कमलकांत को बताया कि वो भारत घूमने के लिए आना चाहती है.

फिर कैसे जाल में फंसाया?

इंडिया टुडे से जुड़े सर्वेश पुरोहित की रिपोर्ट के मुताबिक, लूसी ने कमलकांत से कहा कि वो अपने साथ 95 हजार ब्रिटिश पाउंड लेकर आएगी. उसे इंडियन करेंसी में कन्वर्ट करने के लिए कमलकांत की मदद लगेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, कमलकांत लूसी के झांसे में आ गए और उन्हें लगा कि करेंसी एक्सचेंज करने पर अच्छा कमीशन मिल जाएगा. विदेशी महिला के साथ घूमने का मौका भी मिलेगा. मदद करने के लिए कमलकांत राजी हो गए और चैटिंग चलती रही. 2 दिन की दोस्ती में बात पैसों की लेन-देन तक आ गई.

Advertisement
Gwalior Cyber Scam
(ITG)

फिर, 27 अप्रैल को कमलकांत को एक फोन आया. फोन एक महिला ने किया था. उसने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का वर्कर बताया और कहा कि आपके नाम पर विदेश से पैसे आए हैं. इसके बाद उस महिला ने कहा कि वो पैसे रिसीव करने के लिए कुछ फॉर्मेलिटीज पूरी करनी होंगी, जैसे- रजिस्ट्रेशन चार्ज, क्लीयरेंस, प्रोसेसिंग फीस आदि.

कमलकांत को लगा कि ये पैसे लूसी ने भेजे हैं. उन्हें रिसीव करने के लिए कमलकांत ने पहले साढ़े 38 हजार रुपये भेजे. फिर 88 हजार 600 रुपये भेजे. यानी उन्हें करीब सवा लाख रुपये की चपत लग गई. फोन पर महिला ने 70 हजार रुपये और मांगे. तब कमलकांत को एहसास हुआ कि उनके साथ फ्रॉड हो रहा है.

विक्टिम ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कमलकांत की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में झांसी रोड के थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया,

Advertisement

"ये फरियादी कमलकांत यादव हैं. इनके द्वारा फेसबुक पर एक महिला से चैट की गई. महिला ने खुद को विदेशी बताया और कहा कि वह भारत आएगी. जब वह घूमने आ रही थी, करेंसी एक्सचेंज को लेकर दोनों की आपस में बातचीत हुई. महिला ने करेंसी एक्सचेंज के नाम पर उनसे 1,23,600 रुपये ले लिए. इस तरह उनके साथ धोखाधड़ी की गई."

उन्होंने आगे कहा,

“(मुंबई एयरपोर्ट से) जिस फोन नंबर से फोन आया था, वो फोन नंबर हमारे पास है. तस्दीक की जा रही है. शिकायतकर्ता के खाते से 1,23,600 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ. अपराध पंजीकृत कर लिया गया है, और जो मोबाइल नंबर मिला है, उसकी CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) वगैरह निकालकर उसमें आगे की कार्रवाई की जा रही है.”

NCRB डेटा के मुताबिक, 2024 में साइबर अपराध के 1,01,928 मामले दर्ज किए गए थे. जो 2023 के 86,420 मामलों के मुकाबले करीब 18% ज्यादा हैं. रिपोर्ट बताती है कि साइबर क्राइम का सबसे बड़ा मकसद पैसों की धोखाधड़ी करना रहा है.

यह भी पढ़ें: Flipkart की सेल में चल रहा खेल! ऑर्डर हो रहे कैंसिल और कैंसिलेशन फीस भी आपके मत्थे

साइबर अपराधों में सबसे ज्यादा मामले ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े हैं, जिसमें फर्जी इंवेस्टमेंट प्लान्स, OTP स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्रॉड और सोशल मीडिया के जरिए ठगी के मामले शामिल हैं. खुद को विक्टिम्स की लिस्ट से बचाकर रखाना है कि तो कहीं भी पैसे इंवेस्ट करने से पहले या अपना OTP शेयर करने से पहले 10 बार सोच लें. वरना सालों की मेहनत की कमाई किसी और के खाते में चली जाएगी.

वीडियो: छत्तीसगढ़ के थाने में खड़े ट्रकों से कैसे चोरी हुई गैस सिलेंडर? क्या एक्शन हुआ?

Advertisement