कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके 'स्कूल ठीक करो' अभियान पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. दिपके ने महाराष्ट्र सरकार को चैलेंज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ चाहे 100 एफआईआर दर्ज हो जाए, लेकिन सरकारी स्कूलों की बदइंतजामी का मुद्दा उठाना बंद नहीं रहेंगे. हाल ही में एक सरकारी स्कूल में विजिट करने पहुंचे CJP फाउंडर के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. उसके बाद उन्होंने यह बयान दिया.
सरकारी स्कूल में घुसने पर FIR, अभिजीत दिपके बोले- '100 केस कर लो लेकिन स्कूल तो ठीक करो'
Abhijeet Dipke ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि शिक्षा व्यवस्था ठीक करना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कि कहा कि अगर मेरे खिलाफ मुकदमा करने से स्कूल ठीक होते हैं, तो करो. जितनी FIR करनी है, कर लें.

अभिजीत दिपके अपने गृहराज्य महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों में जा रहे हैं. सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत और कथित बदइंतजामी के बारे में बात कर रहे हैं. दिपके के दावा है कि जिन सरकारी स्कूलों में वे गए, वहां बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. CJP फाउंडर का आरोप है कि सरकारी स्कूलों में ना साफ पानी का इंतजाम है और ना ही साफ-सुथरे टॉयलेट की व्यवस्था.
सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे दिपकेहाल ही में अभिजीत दिपके ने हिंगोली तालुका के लोहगांव और करांजल स्थित जिला परिषद स्कूलों का दौरा किया. इसमें उन्होंने क्लासरूम, बेंच, पीने के पानी की फैसिलिटी और मिड-डे मील की तैयारी का जायजा लिया. उनके साथ सोशल एक्टिविस्ट मुनीर पठान और अन्य गांव वाले थे.
22 अगस्त को महाराष्ट्र के लातूर में टीचर्स की परमिशन के बिना स्कूल में दाखिल होने पर अभिजीत दिपके के FIR दर्ज की गई. केस में दिपके समेत कुल 5 आरोपी बनाए गए. कानूनी एक्शन पर दिपके ने जवाब दिया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दिपके ने कहा,
“क्या स्कूलों में जाकर वहां की समस्याओं और सुविधाओं की कमी बताना जुर्म है? अगर है, तो मेरे खिलाफ एक नहीं बल्कि 100 केस दर्ज करें, लेकिन प्लीज यह पक्का करें कि स्कूलों में सुधार हो.”
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में अभिजीत दिपके ने स्कूल में मिल रहे मिड-डे मील को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. 29 अगस्त के वीडियो में दिपके ने कहा कि छात्रों को दिए जाने वाले मिड-डे मील में एक्सपायर हो चुके मसालों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने एक पैकेट दिखाया, जिस पर एक्सपायरी मंथ फरवरी 2026 था. दिपके ने इस आधार पर आरोप लगाया कि बच्चों को एक्सपायर फूड दिया जा रहा है.
मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दिपके ने सवाल किया कि क्या मंत्री और विधायक अपने बच्चों को एक्सपायर फूड खिलाते हैं? CJP चीफ ने कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चों में पोटेंशियल और टैलेंट है, बस सरकार उन्हें सपोर्ट करे और उन्हें मौका दे.
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उन्होंने टीचर्स की कम संख्या का भी मुद्दा उठाया. अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर मेरे खिलाफ मुकदमा करने से स्कूल ठीक होते हैं, तो करो. जो FIR करनी है, करो. दिपके ने कहा की एजुकेशन सरकार की प्राथमिकता नहीं है.
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