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अवैध निर्माण बताकर फरीदाबाद में 50 साल पुरानी मस्जिद ढहायी, लोगों ने कहा- गांव की थी ज़मीन

मस्जिद फरीदाबाद की जवाई कॉलोनी में स्थित है. कार्रवाई के दौरान किसी अनहोनी से निपटने की पूरी तैयारी की गई थी. क़रीब 250 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे. जहां कार्रवाई की जा रही थी वहां स्थानीय लोगों को और मीडिया को जाने से रोका जा रहा था.

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इसे लेकर डीविजन कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपा गया है. (सांकेतिक फोटो- AI Image)

हरियाणा के फरीदाबाद में एक मस्जिद ढहाए जाने का मामला सामने आया है. मस्जिद 50 साल पुरानी बताई गई है. यह एक्शन फरीदाबाद नगर निगम की ओर से चलाई जा रही ड्राइव के तहत लिया गया. इसे लेकर स्थानीय लोगों ने नाराज़गी जताई. लोगों का कहना है कि जिस ज़मीन पर मस्जिद बनी थी वह गांव की थी. दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि ज़मीन नगर निगम की है और जंगल के लिए रिज़र्व है. मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है.

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हरियाणा तक से जुड़े सचिन गौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद फरीदाबाद की जवाई कॉलोनी में स्थित है. कार्रवाई के दौरान किसी अनहोनी से निपटने की पूरी तैयारी की गई थी. क़रीब 250 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे. जहां कार्रवाई की जा रही थी वहां स्थानीय लोगों को और मीडिया को जाने से रोका जा रहा था. 

रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद पर एक्शन को लेकर नगर निगम के एडवाइज़र सतीश आचार्य ने कहा,

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यह मस्जिद नगर निगम की ज़मीन पर बनी थी. यह जमीन पंजाब लैंड एंड प्रिजर्वेशन एक्ट के तहत संरक्षित है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, फॉरेस्ट लैंड पर अगर कोई भी निर्माण है तो इसे तोड़ा जाना चाहिए. इसी के तहत कार्रवाई की गई है. जहां भी अवैध कब्ज़े और अवैध निर्माण है, उन सब पर नगर निगम कार्रवाई कर रहा है. इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

ज़मीन दान में दिए जाने का दावा

दरअसल फरीदाबाद की जवाई कॉलोनी गांव बड़खल के साथ सटी हुई है. गांव के लोगों का आरोप है कि यह मस्जिद बड़खल गांव की ज़मीन पर बनी हुई थी. ज़मीन को गांव के पूर्व सरपंच ने दान में दिया था  इसे अब जानबूझकर तोड़ा गया है. लोगों ने कहा कि मस्जिद तोड़ने से पहले आसपास थोड़ी बहुत तोड़फोड़ की गई, इसके बाद मस्जिद को ढहा दिया गया. उनका कहना है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इसके बावजूद नगर निगम ने इस पर कार्रवाई की है.

राजनीति हुई शुरू

कार्रवाई को लेकर सियासत भी तेज़ हो गई है. कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार में मंत्री रहे आफताब अहमद ने डिविजनल कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है. कांग्रेस नेता महेंद्र प्रताप ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया है. आफताब अहमद ने कहा कि दो साल पहले भी इस जवाई कॉलोनी में तोड़फोड़ की गई थी, लेकिन अब स्पेशल इस मस्जिद को तोड़ने के लिए कार्रवाई की गई.

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