जब भी गला ख़राब होता है. ज़ुकाम होता है. तब डॉक्टर खट्टी चीज़ें खाने से मना कर देते हैं. खट्टे फल भी खाने की मनाही होती है. लेकिन खट्टे फलों में तो विटामिन C होता है. और, ज़ुकाम ठीक करने के लिए विटामिन C बहुत ज़रूरी है. इससे इम्यूनिटी मज़बूत होती है. सर्दी-ज़ुकाम जल्दी ठीक होता है.
सर्दी-ज़ुकाम होने पर डॉक्टर खट्टे फल खाने से मना क्यों करते हैं?
खट्टे फलों में विटामिन C होता है. ज़ुकाम ठीक करने के लिए विटामिन C बहुत ज़रूरी है. इससे इम्यूनिटी मज़बूत होती है. सर्दी-ज़ुकाम जल्दी ठीक होता है. लेकिन डॉक्टर खट्टे फल खाने से मना करते हैं.


विटामिन C खट्टे फलों में पाया जाता है. जैसे आंवला, अमरूद, संतरा, मौसंबी, टमाटर और नींबू वगैरा. पर फिर ज़ुकाम में डॉक्टर खट्टे फल खाने से मना क्यों करते हैं? इसका जवाब दे रही हैं सीनियर डाइटिशियन और ‘वन डाइट टुडे’ की फाउंडर, डॉ. अनु अग्रवाल.

डॉक्टर अनु कहती हैं कि विटामिन C से भरपूर चीज़ें खाने से इम्यूनिटी मज़बूत होती है. ये पूरी तरह सच है. विटामिन C शरीर के इम्यून सिस्टम को एक्टिव रखता है और इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है. इसलिए आपको आंवला, संतरा, नींबू वगैरा लेना चाहिए. लेकिन जब सर्दी-ज़ुकाम होता है. खांसी आती है. तब इन चीज़ों को खाने से मना किया जाता है. ज़ुकाम में गले, नाक और सांस की नलियों में जलन और सूजन हो जाती है. ऐसे में खट्टे फल खाने से ये जलन बढ़ सकती है. खांसी और ज़्यादा आ सकती है. कफ भी ज़्यादा बन सकता है. इसलिए खट्टी चीज़ें खाने से मना किया जाता है.
लेकिन यहां एक बात पर गौर करिए. आपको विटामिन C वाली हर चीज़ खाने से मना नहीं किया जा रहा है. सिर्फ उन्हीं चीज़ों को खाने से मना किया जा रहा है, जो खट्टी होती हैं. यानी प्रॉब्लम विटामिन C नहीं, खट्टापन है. आप विटामिन C से भरपूर ऐसी सब्जि़यां और फल खा सकते हैं, जो खट्टे नहीं होते. जैसे लाल और पीली शिमला मिर्च, ब्रॉकली, फूलगोभी और पालक आदि.
एक एडल्ट पुरुष को एक दिन में 90 मिलीग्राम विटामिन C की ज़रूरत होती है. वहीं, एक एडल्ट महिला को 75 मिलीग्राम विटामिन C की.

सर्दी-ज़ुकाम होने पर आप लाल और पीली शिमला मिर्च खा सकते हैं. इनमें संतरे से ज़्यादा विटामिन C होता है. ये खट्टी भी नहीं होतीं. एक संतरे में 51 मिलीग्राम के करीब विटामिन C होता है. वहीं एक मीडियम साइज़ की लाल शिमला मिर्च में लगभग 112 मिलीग्राम विटामिन C होता है. मीडियम साइज़ की पीली शिमला मिर्च में 127 मिलीग्राम और हरी शिमला मिर्च में 123 मिलीग्राम विटामिन C होता है. यानी एक दिन में जितनी ज़रूरत है, उससे कहीं ज़्यादा. शिमला मिर्च को सलाद के रूप में खाना ज़्यादा फायदेमंद है. ऐसा करने पर शरीर विटामिन C ज़्यादा बेहतर सोख पाता है. गर्म आंच पर पकाने से विटामिन C की मात्रा घट जाती है.

आप चाहें तो पपीता खा सकते हैं. ये खट्टा नहीं होता और विटामिन C का अच्छा सोर्स है. एक कटोरी बराबर पपीते में करीब 50 मिलीग्राम विटामिन C होता है. इसका एब्ज़ॉर्प्शन भी शरीर में अच्छा होता है.
इसी तरह, ब्रॉकली खाना भी फायदेमंद होता है. एक कच्ची ब्रॉकली में 90 मिलीग्राम के आसपास विटामिन C होता है. आप इसे हल्का उबालकर खा सकते हैं. इससे गले को आराम भी मिलेगा.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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