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सेक्स या मास्टरबेशन के बाद पेनिस में दर्द हो, तो ये घरेलू उपाय काम आएंगे

कुछ लोगों को इजैकुलेशन के दौरान या उसके बाद बहुत दर्द या जलन होती है. इसे पेनफुल इजैकुलेशन कहते हैं. मेडिकल भाषा में इसे डिसोर्गैज़मिया या ऑर्गेज्मल्जिया भी कहते हैं.

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एंग्ज़ायटी या देर तक बैठने से पेनफुल इजैकुलेशन हो सकता है (फोटो: Freepik)

सेक्स या मास्टरबेशन के बाद जब सीमन यानी वीर्य बाहर आता है, तो आमतौर पर पुरुषों को दर्द नहीं होता. लेकिन कुछ लोगों को इजैकुलेशन के दौरान या उसके बाद बहुत दर्द या जलन होती है. इसे पेनफुल इजैकुलेशन कहते हैं. मेडिकल भाषा में इसे डिसोर्गैज़मिया या ऑर्गेज्मल्जिया भी कहते हैं. 

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अक्सर झिझक के चलते लोग पेनफुल इजैकुलेशन की समस्या के बारे में किसी से खुलकर बात नहीं करते. डॉक्टर को नहीं दिखाते. पर इसका इलाज होना ज़रूरी है, क्योंकि ऐसा इंफेक्शन की वजह से भी हो सकता है. लिहाज़ा, डॉक्टर से जानिए कि कुछ पुरुषों में इजैकुलेशन के दौरान दर्द क्यों होता है और इसका इलाज क्या है?

कुछ पुरुषों को इजैकुलेशन के दौरान दर्द क्यों होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर अनिल मंधानी ने. 

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डॉ. अनिल मंधानी, चेयरमैन, यूरोलॉजी, फोर्टिस, गुरुग्राम

पहले इजैकुलेशन को समझना ज़रूरी है. इजैकुलेशन यानी वीर्य का बाहर आना. ऐसा सेक्स या मास्टरबेशन के बाद होता है. इजैकुलेशन एक जटिल प्रक्रिया है.

ब्लैडर यानी पेशाब की थैली का मुंह प्रोस्टेट ग्रंथि से जुड़ा होता है. टेस्टिकल्स से मुख्य रूप से वीर्य का निर्माण होता है. वीर्य का तरल हिस्सा सेमिनल वेसिकल नाम की दो थैलियों में बनता और जमा होता है. इसी जगह से यूरिन और वीर्य दोनों को बाहर निकलना होता है. जब सेक्स या मास्टरबेशन होता है, तब शरीर का मैकेनिज़्म यह सुनिश्चित करता है कि उस समय मूत्रमार्ग से केवल वीर्य ही निकले. यानी वीर्य निकलते समय मूत्र का बहाव अपने-आप रुक जाता है.

जब सेक्स या मास्टरबेशन होता है, तो शरीर ऐसा सिस्टम बना देता है कि उस समय पेशाब नहीं निकलता. सिर्फ वीर्य ही बाहर आता है. इस प्रक्रिया में आसपास की मसल्स सक्रिय होकर वीर्य को बाहर निकालती हैं. अगर इस सिस्टम में कहीं भी इंफेक्शन या इंफ्लेमेशन (सूजन) हो जाए, तो पेशाब करना या वीर्य निकालना, दोनों ही दर्द दे सकता है.  

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कुछ और कारण भी हैं, जैसे एंग्ज़ायटी और देर तक बैठना. ऐसे लोगों की प्रोस्टेट ग्रंथि में इंफेक्शन होने का रिस्क ज़्यादा होता है. फाइब्रोमायल्जिया में स्ट्रेस की वजह से मांसपेशियां बहुत ज़ोर से सिकुड़ती हैं. इसकी वजह से इजैकुलेशन में दर्द हो सकता है.

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अगर इजैकुलेशन के दौरान दर्द हो, तो सबसे पहले प्रभावित हिस्से को गर्माहट दें (फोटो: Freepik)

इलाज

अगर इजैकुलेशन के दौरान दर्द हो, तो शुरुआत घरेलू उपायों से करें. सबसे अच्छा तरीका है कि प्रभावित हिस्से को गर्माहट दें. हॉट वॉटर टब में बैठें. अगर हॉट वॉटर टब न हो, तो इलेक्ट्रिक हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें. हीटिंग पैड को कुर्सी पर रखें और उसके ऊपर बैठें. चाहें तो हॉट वॉटर बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. 

साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. अगर दर्द बहुत ज़्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह पर दवा ले सकते हैं. अगर दर्द ठीक नहीं होता या बुखार आता है, तो डॉक्टर से मिलें.

अगर इजैकुलेशन में बार-बार दर्द हो रहा है, तो इसे रोकने के लिए इजैकुलेशन की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दें. ये गलत धारणा है कि मास्टरबेशन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे वीर्य की कमी हो जाती है. मास्टरबेट करना सेहत के लिए अच्छा है, बस इसकी लत नहीं लगनी चाहिए. 

जैसे आप दिल की सेहत के लिए एक्सरसाइज़ करते हैं. वैसे ही, प्रोस्टेट ग्रंथि और उसके आसपास की मांसपेशियों के लिए मास्टरबेशन या सेक्स की फ्रीक्वेंसी पर्याप्त होनी चाहिए. इससे इजैकुलेशन के दौरान दर्द होना कम हो सकता है. अगर इससे भी राहत न मिले, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं. हो सकता है कि आपको कोई इंफेक्शन हो. ऐसे में यूरिन या सीमन का कल्चर टेस्ट कराएं. डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक लें, इससे आप ठीक हो सकते हैं.

अगर आपको इजैकुलेशन के दौरान लगातार दर्द होता है. सिकाई से भी आराम नहीं मिलता, तो डॉक्टर से मिलें. हो सकता है, इसके पीछे वजह इंफेक्शन हो. ऐसे में सही इलाज होना बेहद ज़रूरी है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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