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अलग-अलग देशों में फैल रहा है कोविड का नया वेरिएंट, कितना खतरनाक है XEC?

New Covid Variant XEC: यूरोप के कुछ देशों में कोविड-19 के नए वेरिएंट के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

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कोविड-19 के नए वेरिएंट का नाम XEC है.

आईफ़ोन इतनी तेज़ी से नए मॉडल नहीं बनाता, जितनी तेज़ी से कोविड के नए वेरिएंट मार्केट में आ जाते हैं! एक बार फिर से कोविड का नया वेरिएंट हमारे बीच आ चुका है. नाम है, XEC. यूरोप के कई देशों में इसके मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. कोविड का ये नया वेरिएंट XEC (Covid Variant XEC) पहली बार इस साल जून में मिला था. जर्मनी में. फैलते-फैलते अब ये 27 देशों में पहुंच गया है.

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हालांकि, अभी इस लिस्ट में भारत शामिल नहीं है. लेकिन, माना जा रहा है कि देर-सवेर हमारे देश में भी इसकी एंट्री हो जाएगी. कोविड का ये नया वेरिएंट, पुराने ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट्स KS.1.1 और KP.3.3 का हाइब्रिड है. यानी दोनों का मिला-जुला रूप है. ये संक्रामक तो ज़्यादा है, लेकिन गंभीर कम है.

लिहाज़ा डरने की ज़रूरत नहीं है लेकिन सावधानी बरतना ज़रूरी है. इसलिए, आज डॉक्टर से जानिए कि कोविड का नया वेरिएंट XEC क्या है? इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव और इलाज कैसे किया जाए. 

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क्या है कोविड का नया वेरिएंट?

ये हमें बताया डॉक्टर विभु क्वात्रा ने.

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डॉ. विभु क्वात्रा, पल्मोनोलॉजिस्ट एंड फिजिशियन, रेनबो हॉस्पिटल

यूरोप के कुछ देशों में कोविड का नया वेरिएंट XEC काफी तेज़ी से फैल रहा है. माना जा रहा है कि ये वेरिएंट हिंदुस्तान में भी आएगा. XEC वेरिएंट, पिछले वेरिएंट ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन होने से बना है. इसी वजह से XEC वेरिएंट हमारे शरीर को संक्रमित करने में ज़्यादा कारगर है. हालांकि, इससे डरने की ज़रूरत नहीं है. दरअसल कोविड के जो भी नए वेरिएंट आ रहे हैं, वो संक्रामक तो ज़्यादा हैं लेकिन बहुत गंभीर नहीं हैं. 

किन लक्षणों पर ध्यान देना ज़रूरी है?

- ज़ुकाम 

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- खांसी

- सिरदर्द

- पेट में दर्द

- उल्टी

- दस्त

- गले में दर्द. इनमें से कोई भी लक्षण व्यक्ति को हो सकता है

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कोई भी लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें (सांकेतिक तस्वीर)

बचाव और इलाज

अगर आपको इनफेक्शन के लक्षण महसूस होते हैं तो अपना टेस्ट करवाइए और डॉक्टर से मिलिए. इसमें देखभाल की ज़रूरत है, लेकिन बहुत उपचार की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, जो बुज़ुर्ग हैं या जिन्हें कोई क्रोनिक डिज़ीज़ है. क्रोनिक डिज़ीज़ यानी वो बीमारियां जो लंबे समय तक चलती हैं. जैसे दमा, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, कार्डियक फेलियर या फिर किडनी डिज़ीज़. ऐसे लोग XEC वेरिएंट के लक्षण दिखने पर बिना देर किए डॉक्टर से मिलें क्योंकि ये वायरस आपकी इन बीमारियों को बढ़ा सकता है. फिर इन बीमारियों पर जो कंट्रोल है, वो हट सकता है. साथ ही, इस वायरस के बचाव के लिए मास्क पहनें. जहां तक हो सके, दूरी बनाए रखें. साफ-सफाई रखें.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. ‘दी लल्लनटॉप ’आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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