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26 बार हाईस्कूल में फेल होने वाली कहानी के पीछे असली खेल ये है!

सोशल मीडिया पर एक युवक के हाईस्कूल में 26 बार फेल होने का दावा वायरल हो रहा है.

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वायरल दावे के साथ मौजूद तस्वीर.
दावा

विश्व रिकॉर्ड. लगातार 26वे बार हाई स्कूल में फेल होने पर आज सभी ग्रामवासियों ने फूल मालाओं से सम्मानित किया. धन्यवाद आप सभी का. अग्रिम कोशिश जारी रहेगी. 
ये शब्द हैं उमेश चंद्र सती के, जो उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट के कैप्शन में लिखे हैं. वायरल पोस्ट के साथ दो तस्वीरें भी मौजूद हैं. पहली तस्वीर एक रिजल्ट की है तो दूसरी तस्वीर में एक व्यक्ति फूल-माला पहने हुए दिखाई दे रहा है. साथ ही दूसरी तस्वीर में माला पहने हुए व्यक्ति के साथ दो महिलाएं भी नज़र आ रही हैं. 
उमेश चंद्र सती ने 26 बार हाईस्कूल में फेल होने वाला पोस्ट 6 जून की शाम 5 बजकर 21 मिनट पर शेयर किया था. 24 घंटे के भीतर उमेश के इस पोस्ट को 500 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

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वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट.

फेसबुक पेज The Engineer Bro ने वायरल पोस्ट को शेयर कर लिखा,

हर तरह की उपलब्धि पर खुश रहो

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The Engineer Bro पेज पर मौजूद पोस्ट का स्क्रीनशॉट.
पड़ताल

वायरल हो रहे पोस्ट का सच जानने के लिए 'दी लल्लनटॉप' ने पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत निकला.

सबसे पहले हमने वायरल पोस्ट को लिखने वाले उमेश चंद्र सती की फेसबुक प्रोफाइल को स्कैन किया. स्कैन करने पर हमें कुछ ऐसी चीजें दिखाई दी जिससे वायरल पोस्ट पर संदेह होने लगता है. 
मसलन पोस्ट में दिख रही रिजल्ट की तस्वीर उमेश पहले भी अपनी फेसबुक आईडी से शेयर कर चुके हैं. 30 जुलाई 2020 को उमेश चंद्र ने वायरल रिजल्ट की तस्वीर को शेयर कर लिखा था,

मेरे प्यारे दोस्तो, यह बताते हुए अति प्रसन्नता का आभास हो रहा है कि मैंने पूरे भारत में पीछे से टॉप किया है. अग्रिम 15 अगस्त को माननीय भविष्य के प्रधानमंत्री श्री राहुल गांधी जी मुझे सम्मानित करेंगे इस गौरवान्वित क्षण को भूलना मत. आप सभी की दुआ काम आई.

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फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनश़ॉट.


दूसरी तस्वीर को भी उमेश सती इससे पहले अपने फेसबुक अकाउंट से शेयर कर चुके हैं. उमेश ने दो बार 31 अक्टूबर 2021 और 1 नवंबर 2021 को फूलमाला वाली तस्वीर को शेयर किया था. इसमें से एक बार फुल तो एक बार क्रॉप कर तस्वीर शेयर की गई थी.

                                                                                        

नवंबर में शेयर हुए फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट.

फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, उमेश सती उत्तराखंड में चमोली के पीपलकोटी गांव में रहते हैं. इसके बाद हमने अलग-अलग परीक्षाओं के रिजल्ट बताने वाली वेबसाइट indiaresults.com का रुख किया. यहां पर हमने जब उत्तराखंड बोर्ड हाईस्कूल के रिजल्ट सेक्शन में Umesh Kumar Sati की-वर्ड्स डालकर सर्च किया तो हमें कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला.

                                                                             

सर्च रिजल्ट का स्क्रीनशॉट.


वायरल पोस्ट के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने उमेश चंद्र सती से संपर्क किया. उन्होंने बताया,

'वायरल पोस्ट का असल घटना से कोई संबंध नहीं है. मैंने सिर्फ हंसी-मजाक के उद्देश्य से फेसबुक पोस्ट लिखा था. पोस्ट में दिख रही रिजल्ट की तस्वीर आज से करीब तीन-चार साल पहले मुझे किसी दोस्त ने व्हाट्सएप पर भेजी थी. जबकि दूसरी तस्वीर मेरी है जिसमें मैंने गले में माला पहन रखी है. पिछले साल स्थानीय विधायक हमारे इलाके में आए थे. विधायक जी के स्वागत के बाद जो माला बची थीं उन्हें मैंने अपने गले में पहना और फोटोशूट कराया था. मैंने 11वीं तक की शिक्षा हासिल की है और फिलहाल एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हूं.'

आगे हमने उमेश सती से उनकी हाईस्कूल की मार्कशीट के बारे में पूछा तो उन्होंने मार्कशीट के गुम हो जाने की बात कही.

उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट

जानकारी के लिए आपको बता दें कि 6 जून यानी बीते सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने दसवीं और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का परिणाम जारी किया था. दसवीं में मुकुल सिलस्वाल और इंटरमीडिएट में दीया राजपूत ने टॉप किया है.


नतीजा

हमारी पड़ताल में वायरल पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ. 26 बार हाईस्कूल में फेल वाली पोस्ट हंसी-मजाक के उद्देश्य से लिखी गई है लेकिन सोशल मीडिया यूज़र्स इसे सच मान बैठे. वायरल पोस्ट को लिखने वाले उमेश कुमार सती ने 'दी लल्लनटॉप' को बताया कि असल में उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. 

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