यूपी में दलित लड़की ने नदी में नहाया तो नाराज़ लोगों ने लड़की को पीटा. इस दावे के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में एक लड़की को पहले तो एक लड़का बाल पकड़कर खींचता है, फिर दो लोग लाठी-डंडों से लड़की की पिटाई करते हैं. वीडियो इतना वीभत्स है कि उसे हम पूरा दिखा भी नहीं सकते हैं.
ट्विटर यूज़र शेखर खरे ने वायरल वीडियो ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)
दलित लड़की ने नदी में नहाया तो नाराज़ हिन्दुओं ने बेरहमी से पीटा?
लड़की की लाठी-डंडों से पिटाई का वीडियो वायरल.
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यूपी की नदी में दलित लड़की ने किया स्नान, नदी की पवित्रता खराब करने पर हिंदुत्व के गुंडों ने किया लड़की पर अत्याचार. उत्तर प्रदेश सरकार से विनम्र प्रार्थना है इसको मालूम करके तुरंत कार्यवाही करें.
फेसबुक यूज़र्स भी वायरल वीडियो को ऐसे ही मिलते-जुलते दावों के साथ शेयर कर रहे हैं.

'दी लल्लनटॉप' ने वायरल वीडियो का सच जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला. दावे में मौजूद वायरल वीडियो का जातीय उत्पीड़न से कोई संबंध नहीं है.
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज़ सर्च से खोजने पर हमें घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. दैनिक भास्कर में छपी दो साल पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक,
"वायरल वीडियो मध्य प्रदेश में धार जिले का है. धार के टांडा थाना के पीपलवा गांव में 22 जून, 2021 को दो चचेरी बहनों को उनके परिवार वालों ने लाठी-डंडों से पीटा. लड़कियां मोबाइल पर अपने मामा के लड़कों से बातें करती थीं. ये बात उनके चचेरे भाइयों और परिवार को नागवार गुजरी. घटना का शर्मनाक पहलू ये है कि लड़की के परिवार वाले उन्हें पीट रहे थे और गांव में जुलूस निकाल रहे थे. 26 जून को मामले में FIR दर्ज की गई थी. तब मामले में 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.''
दैनिक भास्कर के अलावा एनडीटीवी, टाइम्स ऑफ इंडिया और द ट्रिब्यून ने भी घटना को लेकर रिपोर्ट पब्लिश की थी.
इसके अलावा यूपी पुलिस के फैक्ट-चेक अकाउंट ने वायरल वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए लिखा,
#FactCheck - यह वीडियो उत्तर प्रदेश से न होकर सन् 2021,थाना टांडा,जनपद धार,मध्य प्रदेश से संबंधित है. आपके विरुद्ध भ्रामक ट्वीट करने हेतु वैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जा रही है.
घटना के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए इंडिया टुडे ने उस वक़्त टांडा थाना प्रभारी रहे विजय वस्कले से बात की. उन्होंने बताया,
नतीजा“पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत नौ लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था. आरोपियों पर IPC की जरूरी धाराओं के अलावा 307 जैसी कठोर धारा भी लगाई थी. बाद में आरोपियों को जमानत मिल गई थी. अब इस मामले में समझौता हो चुका है क्योंकि लड़कियों को पीटने वाले लोग उनके ही परिवार के सदस्य थे. वायरल वीडियो में जिस लड़की को पीटा जा रहा है, वो उन्हीं दो लड़कियों में से एक है. घटना में शामिल लोग दलित नहीं बल्कि आदिवासी थे.”
हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत निकला. वीडियो लगभग दो साल पुराना है और इसका उत्तर प्रदेश या जातीय उत्पीड़न से कोई लेना-देना नहीं है.
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