वेरिफाइड ट्विटर यूजर भारत ने वायरल तस्वीर को ट्वीट
करते हुए कैप्शन दिया (आर्काइव
) ,
लिखा ( आर्काइव
),
"आमिर खान ने सड़कों पर पटाखे फोड़ने के लिए मना किया था, लेकिन क्या अब वो सड़क ना रोकने(कर)& नमाज न पढ़ने के लिए कहेंगे? वो ऐसा कभी नहीं कहेंगे क्योंकि वो जानते हैं कि असली असहिष्णु कौन हैं."
महेश विक्रम हेगड़े के ट्वीट को पश्चिम बंगाल में बीजेपी की महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष केया घोष
ने भी रीट्वीट किया,

केया घोष का रीट्वीट.
पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. वायरल हो रही तस्वीर भारत की नहीं, बांग्लादेश की है. ये तस्वीर बांग्लादेश की राजधानी ढाका की सोभानबाग मस्जिद की है.
वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च टूल का इस्तेमाल किया. रिवर्स इमेज सर्च करने पर वायरल तस्वीर से मिलती-जुलती तस्वीर हमें ट्विटर पर मिली. ट्विटर यूज़र फैसल कैसर ने 12 फरवरी, 2021 को
ये तस्वीर ट्वीट की थी. ( आर्काइव
)
लिखा-
आज जुम्मा की नमाज के दौरान सोभानबाग मस्जिद के बाहर का दृश्य #JummahMubarak
फैसल कैसर के ट्वीट से क्लू लेकर हमने मिलते-जुलते कीवर्ड्स सर्च किए. हमें फेसबुक पर 1जून, 2019 को वॉइस ऑफ अमेरिका
का अपलोड किया एक वीडियो मिला. 'वॉइस ऑफ अमेरिका' के वीडियो में लोग सड़क पर नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में 25वें सेकेंड पर वही इमारत दिखती है, जो वायरल तस्वीर में दिखाई दे रही है.
Hundreds of Bangladeshi Muslims packed one of the mosques in Dhaka to join the special prayers on the last Friday, May...
Posted by Voice of America - VOA
on Friday, 31 May 2019
ढाका की इसी मस्जिद की तस्वीर दिखाई दे रही है.

गूगट स्ट्रीट व्यू में मौजूद वायरल तस्वीर वाली इमारत.
रिवर्स इमेज टूल की मदद से हमें वायरल तस्वीर से मेल खाती एक तस्वीर फोटो एजेंसी अलामी की वेबसाइट
पर भी मिली. अलामी के मुताबिक, ये तस्वीर बांग्लादेश की राजधानी ढाका की है. बांग्लादेशी फोटोजर्नलिस्ट जावेद हसनैन चौधरी ने ये तस्वीर खींची है.

वायरल तस्वीर से मिलती जुलती तस्वीर alamy की वेबसाइट पर.
वायरल तस्वीर के बारे में जानकारी के लिए 'दी लल्लनटॉप' ने जावेद हसनैन चौधरी से संपर्क किया. जावेद ने बताया,
"वायरल तस्वीर में दिख रही इमारत सोभानबाग मस्जिद है, जो राजधानी ढाका के धनमोंडी इलाके में है. स्थानीय मुसलमान हर शुक्रवार सड़क पर मस्जिद के सामने जुमे की नमाज अदा करते हैं. आमतौर पर हर जुमे (शुक्रवार) के दिन यही नज़ारा होता है."हालांकि भारत के अलग-अलग हिस्सों में सड़क पर नमाज
पढ़ने की खबरें सामने आती रही हैं. नतीजा 'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ. वायरल तस्वीर का संबंध भारत से नहीं, बांग्लादेश से है. वायरल तस्वीर में दिख रही इमारत राजधानी ढाका की सोभानबाग मस्जिद है.
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