कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 20 मार्च को बनारस आई थीं. हमने नाव में सवारी करती उनकी तस्वीरें देखीं. अगले दिन सोशल मीडिया पर कुछ और तस्वीरें दिखीं और फैला झूठ.
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प्रियंका के बनारस दौरे के दौरान की तस्वीर, जब वो मछुआरों के पास पहुंची थीं
क्या है दावा?
दावा किया जा रहा है कि प्रियंका ने जिस नाव में सवारी की थी. उसे बीजेपी के लोगों ने जला दिया. एक वेबसाईट की खबर का स्क्रीनशॉट भी खूब चला. जिसमें लिखा था. "प्रियंका को नाव से घुमाने पर भगवा समर्थकों ने जला दी गरीब मल्लाह की नाव" इसके अलावा कई फेसबुक पोस्ट्स भी नज़र आये. जिनमें बीजेपी के लोगों को नाव जलाने के लिए टार्गेट किया जा रहा था.

लोग ऐसे दावों के साथ वेबसाइट की कटिंग भी वायरल कर रहे हैं.

फेसबुक पर कुछ इस तरह लोगों ने पोस्ट शेयर किए.
अब हमने शुरू की इस दावे की पड़ताल
हमें इन पोस्ट्स में नज़र आया हरिश्चंद्र बिंद का नाम. जिनके हवाले से ये तस्वीरें और जली हुई नाव के वीडियोज आये थे. साथ ही कुछ लोगों ने जली हुई नाव भी हरिश्चंद्र की बताई थी. हमने खुद हरिश्चंद्र से बात की. उन्होंने बीजेपी के कार्यकर्ताओं या नेताओं के शामिल होने की बात से साफ़ इनकार कर दिया. हरिश्चंद्र का कहना था कि उनके पास ऐसे कोई सबूत नहीं हैं. इसलिए वो किसी का नाम कैसे ले सकते हैं? लोगों ने सोशल मीडिया पर ऐसे ही झूठी बातें लिख दी हैं.
हरिश्चंद्र से बात करके हमें कुछ और सच पता लगे.
1. जली हुई नाव हरिश्चंद्र की नहीं थी. विनोद निषाद गुरु की थी. जो मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के अध्यक्ष हैं. इसके अलावा भी उनकी दो नावें तोड़ दी गई हैं.
2. जो नाव जलाई गई, उस पर प्रियंका ने सवारी नहीं की थी.
3. प्रियंका ने रामनगर के अशोक साहनी की नाव पर सवारी की थी.
हरिश्चंद्र के मुताबिक़ परदे के पीछे का मामला दूसरा है. 'मां गंगा निषाद राज सेवा समिति' इलाके के नाविकों के हक के लिए काम करती है. विनोद निषाद गुरु उनके नेता हैं. कुछ दबंगों ने लगभग साल भर पहले उन्हें एक मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार करा दिया था. उनकी रोजी-रोटी नौकायन से चलती थी. जिसे ठप्प करा दिया. जब प्रियंका वहां आईं तो समिति के लोग उनसे मिले. अपनी समस्याएं बताई और उसी रात विनोद निषाद गुरु की नाव जला दी गई.
नतीज़ा
अगर आपके पास भी कोई ऐसी बात आती है. जिस पर आपको संदेह है, तो पड़ताल के लिए हमें भेजिए padtaalmail@gmail.com
पर.



















