फेसबुक यूज़र तरसीम बहिया
ने वायरल तस्वीर पोस्ट की है. तस्वीर के साथ लिखा है -
"दुनिया के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन की तस्वीर, सिंघु बॉर्डर, दिल्ली"इसके साथ उन्होंने लिखा है कि हम जीतेंगे.
We will win,we will overcome !
Posted by Tarsem Bahia
on Tuesday, 5 January 2021
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ट्विटर यूज़र पुष्पेंद्र वाल्मीकि
ने भी यही दावा किया है.
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इसी तरह के बाकी दावे आप यहां
और यहां
भी देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक
) (आर्काइव लिंक
) पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल तस्वीर की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वायरल तस्वीर 2013 में प्रयागराज में हुए कुंभ मेले की है.
हमने वायरल तस्वीर को ध्यान से देखा. तस्वीर पर हमें एक वॉटरमार्क नज़र आया. वॉटरमार्क और कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें वायरल तस्वीर फिनलैंड की एक ट्रैवल वेबसाइट Kerran elamassa
पर मिली. इस वेबसाइट पर विले पैलोनेन नाम के शख़्स ने 2013 के कुंभ मेला के अपने अनुभव पर एक आर्टिकल लिखा है और मेले से जुड़ी कई और तस्वीरें भी शेयर की हैं.

वायरल तस्वीर और kerran elemassa की वेबसाइट पर छपी तस्वीर पर एक जैसे वॉटरमार्क लगे हैं.
इन तस्वीरों पर भी Kerran elamassa का वही वॉटरमार्क लगा है. जो किसान आंदोलन के नाम पर वायरल तस्वीर में भी है.
(आर्काइव लिंक
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विले पैलोनेन
के बारे में वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक़, वो फिनलैंड में रहते हैं और एक फोटोग्राफर और ट्रैवेल राइटर हैं. वो 80 से ज़्यादा देशों में घूम चुके हैं.
(आर्काइव लिंक
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वायरल तस्वीर एक दूसरे एंगल से खींची हुई हमें alamy. com
नाम की फ़ोटो वेबसाइट पर भी मिली. वेबसाइट पर दिए गए डिस्क्रिप्शन के मुताबिक़, ये तस्वीर 2013 में कुंभ मेला में खींची गई थी. इस तस्वीर में और वायरल तस्वीर में लगे टेंट्स और गाड़ियां एक जैसे हैं.

alamy वेबसाइट पर कुंभ मेले की दूसरे एंगल से ली हुई तस्वीर और सिंघु बॉर्डर के नाम पर वायरल तस्वीर में कई समानताएं हैं.
(आर्काइव लिंक
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साफ़ है कि किसान आंदोलन के नाम पर सिंघु बॉर्डर की जो तस्वीर वायरल है वो असल में कुंभ मेला 2013 की तस्वीर है. नतीजा हमारी पड़ताल में किसान आंदोलन के नाम पर टेंट्स की वायरल तस्वीर भ्रामक निकली. एरियल व्यू वाली तस्वीर में जिन टेंट्स को सिंघु बॉर्डर का बताया जा रहा है, वो दरअसल 2013 के कुंभ मेले की तस्वीर है.






















