प. बंगाल BJP ने 12 सेकेंड की क्लिप दिखाकर CM ममता के साथ मुस्लिम तुष्टिकरण की बात को जोड़ा है. असल में वीडियो अधूरा है.
दावा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल प्रदेश के ट्विटर हैंडल से
एक वीडियो ट्वीट किया गया, जिसमें ममता बनर्जी को इस्लामिक प्रार्थना पढ़ते हुए देखा जा सकता है. (
आर्काइव)
प. बंगाल भाजपा ने ये वीडियो दिखाकर सवाल किया, अगर CM ममता बनर्जी इस्लामिक प्रार्थना पढ़ सकती हैं तो उन्हें जय श्री राम बोलकर अभिवादन किए जाने से क्यों दिक्कत है? असल दावा अग्रेज़ी में है. हम हिंदी तर्जुमा आपको बता रहे हैं-
अगर CM ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल सरकार के कार्यक्रम में इस्लामिक प्रार्थना पढ़ सकती हैं तो उन्हें जय श्री राम बोलकर अभिवादन किए जाने से क्यों दिक्कत है?
तुष्टिकरण?
उन्होंने बंगाल को कलंकित किया है. और नेताजी का जन्मदिन मानने के लिए आयोजित कार्यक्रम में अपने आचरण से नेताजी की विरासत का अपमान है
भाजपा महिला मोर्चा के सोशल मीडिया की राष्ट्रीय इंचार्ज
प्रीति गांधी ने भी इस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया है. उन्होंने इसी वीडियो में नेताजी के जन्मदिवस पर प. बंगाल में आयोजित केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम की क्लिप भी लगाई है. 23 जनवरी को इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों की ओर से "जय श्री राम" समेत नारेबाज़ी सुन मंच पर भाषण देने आईं ममता नाराज़ हो गई थीं. (
आर्काइव)
ये दावे
फेसबुक पर भी वायरल हैं.
पड़ताल
हमने वायरल दावे की पड़ताल की. वायरल दावा भ्रामक है. असल में प. बंगाल भाजपा ने अधूरा वीडियो पोस्ट किया है. ओरिजनल वीडियो में इस्लामिक प्रार्थना से पहले ममता बनर्जी ने हिंदू मंत्रोच्चार और बाद में ईसाई प्रार्थना और सिखी फतेह भी बोली थी, जिसे दिखाया नहीं गया. प. बंगाल बीजेपी ने असली वीडियो की एक छोटी क्लिप काटकर ट्वीट की है, जो भ्रामक जानकारी फैला रही है. वीडियो की पड़ताल के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च का सहारा लिया. पूरा वीडियो हमें मिला
पर. ये वीडियो 2 जनवरी 2018 का है. उस दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प. बंगाल के बर्धमान जिले में 'माटी उत्सव' का उद्घाटन करने गई थीं. इसकी तस्वीरें, वीडियो और जानकारी
तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है. वायरल हो रही इस्लामिक प्रार्थना समेत पूरी बातचीत आप ओरिजनल वीडियो में 21.23 मिनट के टाइममार्क से सुन सकते हैं.
ममता बनर्जी 21.23 मिनट के टाइममार्क पर रैली में मौजूद जनता को नए साल की बधाई देती हैं और फिर हिंदू, इस्लामिक, ईसाई और सिख रीति के मुताबिक, सबके लिए मंगलकामना की बात कहती हैं. आखिर में 'सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तां हमारा' की पंक्ति भी बोलती हैं. इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें आप
इस लिंक पर देख सकते हैं. असली वीडियो 25.25 मिनट का है, जिसमें से 12 सेकेंड की क्लिप काटकर भ्रामक जानकारी शेयर की जा रही है.
नतीजा
प.बंगाल प्रदेश भाजपा की ओर से पोस्ट किया गया वीडियो अधूरा है और भ्रम फैला रहा है. वीडियो के जिस हिस्से में ममता बनर्जी इस्लामिक प्रार्थना करती दिखती हैं, असल वीडियो में उस हिस्से से पहले और बाद में ममता बनर्जी ने हिंदू, सिख, ईसाई धर्मों की धार्मिक प्रार्थनाओं का ज़िक्र किया है.
(रजत के इनपुट्स के साथ)
पड़ताल अब वॉट्सऐप पर. वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.