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World cup से पहले बाबर आजम और मोहम्मद रिज़वान उज्जैन महाकाल पहुंचे?

Cricket World Cup से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मंदिर दर्शन करने का दावा वायरल है...

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बाबर आज़म और मोहम्मद रिजवान के उज्जैन महाकाल पहुंचने का सच जान लें (तस्वीर: फेसबुक/massage tv)
दावा:

पाकिस्तान क्रिकेट टीम वर्ल्डकप 2023 (Cricket World Cup 2023) में हिस्सा लेने भारत पहुंच चुकी है. इस बीच हैदराबाद एयरपोर्ट पर फैन्स ने खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया. इस बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को लेकर एक वीडियो वायरल है. कहा जा रहा है कि बाबर आजम और मोहम्मद रिज़वान उज्जैन महाकाल के दर्शन करने पहुंचे. वीडियो में बाबर आजम और मोहम्मद रिज़वान मंदिर में हाथ जोड़े नज़र आ रहे हैं.

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फेसबुक पर एक पेज ने वायरल पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “वर्ल्ड कप से पहले ही बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान पहुंचे उज्जैन महाकाल के दर्शन करने”

वायरल दावे का स्क्रीनशॉट.

इसके अलावा फेसबुक पर कई और पेज ने वायरल दावे को शेयर किया.

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पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के उज्जैन महाकाल दर्शन करने का दावा भ्रामक निकला.

दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड सर्च किए. हमें ऐसी कोई प्रमाणिक रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे वायरल दावे की पुष्टि होती हो.

इसके बाद हमने वायरल वीडियो के एक कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया. हमें ‘एबीपी न्यूज’ की वेबसाइट पर 23 जनवरी, 2023 को छपी एक रिपोर्ट मिली. इसमें वायरल तस्वीर से मिलती जुलती तस्वीर मौजूद है. इसमें दी गई जानकारी के मुताबिक, भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और ऋषभ पंत उज्जैन महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे. खबर में मौजूद तस्वीर में सूर्यकुमार यादव और कुलदीप यादव को मंदिर में हाथ जोड़े देखा जा सकता है.

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एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर छपी खबर का स्क्रीनशॉट.

हमने दोनों तस्वीरों की तुलना की. असल तस्वीर में सूर्यकुमार यादव के बांह पर टैटू मौजूद है, जिसे बाबर आजम के बांह पर भी देखा जा सकता है. इससे साफ है कि सूर्यकुमार यादव और कुलदीप यादव की तस्वीर को एडिट किया गया है.

सूर्यकुमार यादव समेत कई भारतीय खिलाड़ियों के उज्जैन महाकाल दर्शन की खबर कई मीडिया संस्थानों ने भी छापी थी. जिनमें सूर्यकुमार यादव और कुलदीप यादव मंदिर के अंदर हाथ जोड़े दिखाई दे रहे हैं.


नतीजा

कुलमिलाकर, हमारी पड़ताल में साफ है कि बाबर आजम और मोहम्मद रिज़वान के उज्जैन महाकाल दर्शन का दावा भ्रामक है. सूर्य कुमार और कुलदीप यादव की तस्वीर को एडिट करके ऐसा भ्रम फैलाया गया है. 


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वीडियो: पड़ताल: कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने स्कूलों में कुरान पढ़ाना अनिवार्य किया! वायरल दावे का सच क्या है?

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