क्या आपने अंडमान नामक गांव के बारे में सुना है, एक ऐसा गांव जहां इंटरनेट और सड़क संपर्क जैसी आवश्यकताओं की कमी है. हालांकि गूगल मैप्स पर चेक करने पर पता चलता है कि इस गांव को दुनिया से जोड़ने वाला एक पुल है. लेकिन पहुंचने पर वह पुल कहीं नहीं मिलता. हमने निर्देशक स्मिता सिंह और लेखक-अभिनेता आनंद वत्स से बात की कि कैसे उन्होंने अंडमान के एक काल्पनिक गांव को जीवंत किया. कैलाश सत्यार्थी के साथ काम करने से उन्हें एक अलग विश्वदृष्टि मिली, राजेश तैलंग से मिली सलाह और वह गुण जो संजय मिश्रा को अलग करता है. देखिए पूरा इंटरव्यू.
वो वाकया जिसने अंडमान फिल्म की निर्देशक स्मिता सिंह को डरा दिया
कैलाश सत्यार्थी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
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