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"यश बड़े ब्रांड हैं मगर टॉक्सिक, धुरंधर 2 को टक्कर नहीं दे पाएगी!"

ट्रेड एक्सपर्ट के मुताबिक, कुछ लोगों के ईगो के कारण हर किसी का नुकसान होने जा रहा है.

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ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि 'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' के क्लैश से 10 करोड़ दर्शक जुट सकते हैं.

19 मार्च को Dhurandhar 2 और Toxic के बीच भयंकर क्लैश होने जा रहा है. दोनों तरफ़ के फैंस अपनी-अपनी फिल्मों का पलड़ा भारी बता रहे हैं. ऐसे में ट्रेड एक्सपर्ट्स ने भी अपनी राय रखी है. उनके मुताबिक, नॉर्थ इंडियन मार्केट में Yash की फिल्म Ranveer Singh को टक्कर नहीं दे पाएगी.

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वैरायटी इंडिया से हुई बातचीत में ट्रेड एक्सपर्ट विशेक चौहान ने अपनी राय रखी है. वो बिहार के पूर्णियां स्थित रूपबानी सिनेमा के सीईओ हैं. वो नॉर्थ इंडियन मार्केट में 'धुरंधर 2' का पलड़ा भारी बताते हैं. वो कहते हैं,

"मुझे लगता है कि नॉर्थ इंडिया में 'टॉक्सिक' रणवीर सिंह की धुरंधर 2 को ज्यादा टक्कर नहीं दे पाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि धुरंधर 2'पहले से ही 800-900 करोड़ रुपये की मजबूत पकड़ के साथ बैठी है. ये हिंदी फिल्मों के लिहाज़ से आजतक के सबसे बड़े बेस में से एक है. साथ ही, इस मूवी का ऑडियंस बेस भी काफी बड़ा और अलग-अलग तरह का है. ये भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में से है, जिसका लोग सबसे ज्यादा इंतज़ार कर रहे हैं."

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'टॉक्सिक' का ज़िक्र होने पर वो कहते हैं,

"यश बहुत बड़े ब्रांड हैं. लेकिन उनके नाम पर अभी तक दो ही बड़ी फिल्में हैं. एक KGF और दूसरी KGF 2. टॉक्सिक, KGF का हिस्सा नहीं बल्कि एक अलग फिल्म है. यंग ऑडियंस टॉक्सिक को लेकर जरूर एक्साइटेड होगी. वो इसे एक मौका दे भी सकते हैं. लेकिन लोगों में इस बात को लेकर ज्यादा जिज्ञासा है कि धुरंधर की कहानी आखिर कैसे खत्म होगी."

सामान्य ऑडियंस इस टक्कर को लेकर काफी एक्साइटेड है. मगर ट्रेड एक्सपर्ट विशेक चौहान इसे गैर जरूरी मान रहे हैं. वो कहते हैं,

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"मुझे लगता है कि ये भारतीय सिनेमा की सबसे गैर जरूरी टक्कर में से एक है. आमतौर पर जब दो फिल्में साथ रिलीज़ होती हैं, तो उनका जॉनर अलग होता है. लेकिन यहां ऐसा नहीं है. इसलिए इस तरह की टक्कर से बचना चाहिए. दोनों फिल्मों का सबसे बड़ा दर्शक वर्ग सिंगल-स्क्रीन थिएटर में है. ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान भी उन्हीं को होगा. सिंगल-स्क्रीन मालिकों को मजबूरन एक फिल्म चुननी पड़ेगी. वो या तो धुरंधर 2 लगाएंगे या टॉक्सिक. दोनों मूवीज़ को साथ दिखा पाना मुश्किल होगा."

विशेक बताते हैं कि नॉर्थ इंडिया के कई इलाकों में सिर्फ एक ही सिनेमा हॉल बचा है. वो भी बहुत मुश्किल से चल पा रहा है. ऐसे में उनके मालिक दोनों फिल्मों को साथ नहीं लगा पाएंगे. उनके मुताबिक, अगर दोनों फिल्में अलग-अलग तारीखों पर रिलीज हों, तो ट्रेड को ज्यादा फायदा होगा. ‘टॉक्सिक’ और ‘धुरंधर 2’ की रिलीज़ में कम-से-कम दो हफ्ते का अंतर होना चाहिए. वरना इस टक्कर से किसी का खास फायदा नहीं होगा. ट्रेड एक्सपर्ट के मुताबिक, केवल कुछ लोगों के ईगो के कारण यहां हर किसी का नुकसान होने जा रहा है.

वीडियो: 'धुरंधर 2' और ‘टॉक्सिक’ के बीच टल सकता था क्लैश, फिर क्या हुआ?

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