#2. इस अपडेट से साफ़ होता है, राणा जी को इतिहास का भी ज्ञान है. उन्हें पता था कि दिसंबर में क्या हुआ साथ ही उपदेश जी उन लोगों में से नहीं हैं जो किसी का हक़ मार लें. देखिए जिस चीज पर जिस किसी का हक़ उन्हें जायज लगता है. उसे बताने से चूकते नहीं.
#3. धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले उन्हें बिलकुल भी पसंद नहीं हैं. इवेन उनको तो राजनीति ही पसंद नहीं है. इसीलिये हर जगह, हर जगह! खुद को अदयक्ष लिखते हैं, अध्यक्ष नहीं.
#4. वैवाहिक सम्मेलनों में रहती है उपस्थिति. ज़रा इनकी तस्वीरें देखिए. आदमी ऐसा किसी दूसरे की शादी में ही तैयार होता है. साथ ही याद कीजिए ऐसे हाथ से निकलती तस्वीरें आपने शादी की कैसेट के अलावा और कहां देखी थीं? तिलक वाला पूरा इफेक्ट इस्तेमाल किया जा रहा है. विवाहों से पुराना संबंध रहा है इनका.
#5. फिल्मों में भी है इंटरेस्ट. अजय देवगन की दिलवाले इन्हें इतनी पसंद थी कि जब शाहरुख की दिलवाले आई तो ये बुरा मान गए. बताया कि उनके गेट के सामने विरोध करेंगे. लेकिन डायलॉग जो मारा वो भाई सलमान के कमिटमेंट जैसा था.
#6. बाप के भी बाप हैं ये. इनकी पार्टी के शुरुआती अक्षर उठाइए. जैसे आप AAP के उठाते हैं. निकलकर आता है BAP माने बाप. उसके अदयक्ष हैं माने कौन हुए?
#7. डार्विन-वार्विन सब फ़ालतू में ही खप गए. सारे साइंटिस्ट खप गए. भाई ने सब दुखों की वजह बता दी. सोनम गुप्ता से भी सालों पहले बता दिया था बेवफाई कैसे आनुवांशिक रोग बन जाता है.
#8. भाई के घोषणापत्र ने हर पार्टी की बारह बजाने की ठान ली है. इनका घोषणापत्र, पत्र नहीं पवित्र है. एक बार नज़र फिराकर देखिए. आरक्षण से लेकर आम तक और कानून से लेकर भ्रष्टाचार तक को निबटा देंगे.
#9. भारत ही नहीं पाकिस्तान से भी हमदर्दी है, जिस रोज़ पेशावर में हमला हुआ. भाई का दिल वहां के बच्चों के लिए भी पिघल गया, जो ये साबित करता है कि उनको बेसिकली बुरे से समस्या है. और जहां भी कहीं बुरा होता है. उनको और ज्यादा बुरा लग जाता है.
#10. और सबसे खास, भाई भी अपने जैसे अवेंजर्स का फैन है.
ये भी पढ़ें उपदेश राणा ने मस्जिद में घुसकर इमाम बरकती को थप्पड़ मारा, मुझे उनसे बहुत उम्मीदें हैं






















