डॉक्टर इयन लिपकिन ने महामारी पर ही बनी हॉलीवुड मूवी कॉन्टेजियन के बनने में भी मेडिकल से जुड़े पहलुओं पर सुझाव दिए थे. (फोटो- India Today)
जिस आदमी को पूरी दुनिया ‘वायरस हंटर’ बोलती है, जो वायरस फैलाने वाले 500 से ज़्यादा तरीकों को दुनिया के सामने ला चुका हो, उसे ही वायरस इंफेक्शन हो जाए तो? डॉक्टर इयान लिपकिन. अमेरिका के वायरोलॉजिस्ट (वायरस पर रिसर्च करने वाले डॉक्टर) हैं. मार्च में उन्हें COVID-19 बीमारी होने की बात सामने आई थी. अब डॉ. लिपकिन रिकवर कर चुके हैं. उन्होंने 'इंडिया टुडे' और 'आज तक' के न्यूज़ डायरेक्टर राहुल कंवल से बात की.
जनवरी में चीन गए थे लिपकिन डॉ. लिपकिन ने बताया कि वो जनवरी में चीन गए थे. तब वहां कोरोना वायरस फैलने की शुरुआत हो चुकी थी. डॉ. लिपकिन वायरस से जुड़ी चीज़ों को समझने और चीनी सरकार को अपनी राय देने ही वहां गए थे. फरवरी में वापस अमेरिका आकर ख़ुद को एहतियातन 14 दिन के क्वारंटीन भी किया. फिर मार्च में पता चला कि उन्हें भी इंफेक्शन हो चुका है.
कोरोना वायरस कहां से फैला बातों में डॉक्टर लिपकिन ने बेहद अहम पॉइंट क्लियर कर दिया. उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस फैलने की शुरुआत कहां से हुई थी. कई बार ये कहा गया है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर की एक लैब में तैयार किया गया और यहां से साजिशन दुनियाभर में फैलाया गया. डॉक्टर लिपकिन ने इसे ख़ारिज करते हुए कहा कि ये वायरस किसी लैब से नहीं, बल्कि चमगादड़ों से निकला है. उन्होंने कहा कि –
“जब से इस वायरस के फैलने की शुरुआत हुई है, तब से ही मैं और कई इंटरनेशनल स्तर के साइंटिस्ट इसका अध्ययन कर रहे हैं. हमने भी ये अफवाह सुनी, लेकिन ये पूरी तरह ग़लत है. हमने वायरस की पूरी जेनेटिक्स का अध्ययन किया है. उससे ये बात निकली है कि वायरस चमगादड़ों से फैला है. इस वायरस में कुछ ऐसे एरिया हैं, जो इंसान के शरीर की कोशिकाओं (सेल्स) से आकर चिपक जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं. लेकिन हमने स्टडी में पाया कि ये ऐसे एरिया नहीं हैं, जो लैब में तैयार किए जा सकें.”
डॉक्टर इयान लिपकिन ने महामारी पर ही बनी हॉलीवुड मूवी 'कॉन्टेजियन' के प्रोडक्शन में भी मेडिकल से जुड़े पहलुओं पर सुझाव दिए थे.
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