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"भगवान से दुआ करती थी कि एयरपोर्ट पर फोटोग्राफर्स ना हों" - विद्या बालन

विद्या बालन ने रिसेंटली एयरपोर्ट अपीरिएंस पर बात की. बताया कि एक वक्त ऐसा भी था, जब वो एयरपोर्ट लुक को लेकर दहशत में रहा करती थीं.

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विद्या बालन ने अपनी फिल्मों पर भी बात की.

फिल्म स्टार दो वक्त पर बहुत कॉन्शस होते हैं. पहला तब, जब उनकी फिल्में रिलीज़ होने वाली होती हैं. दूसरा तब, जब वो एयरपोर्ट पर होते हैं. किससे डरते हैं? एयरपोर्ट पर झुंड में खड़े पैपराज़ी से. उन्हें अपनी एक्टिंग के साथ इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि उनका एयरपोर्ट लुक कैसा है. किस ब्रैंड की टीशर्ट पहनी है, किस कंपनी के जूते पहने हैं, किस विदेशी कंपनी का बैग लिया है, कितने लाख की घड़ी है, कितने लाख की ज्वैलरी है एंड सो ऑन. इंस्टाग्राम के दौर में एयरपोर्ट लुक बेहद ज़रूरी हो गया है. लेकिन इस दौर में विद्या बालन जैसी एक्ट्रेस भी हैं जो इसे गैरज़रूरी बताती हैं.

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विद्या बालन ने रिसेंटली एयरपोर्ट अपीरिएंस पर बात की. बताया कि एक वक्त ऐसा भी था, जब वो एयरपोर्ट लुक को लेकर दहशत में रहा करती थीं. एक जर्नलिस्ट से बात करते हुए विद्या बालन ने कहा,

‘’शुरुआती समय में हम बहुत सचेत रहा करते थे, बस यही सोचा करते थे कि क्या पहनें. जब मेरा शूट नहीं होता या कोई इवेंट नहीं होता, तो मैं बिल्कुल मेकअप नहीं करती. तो शुरू के समय में ये भी मुझे बहुत परेशान करता था. मैं भगवान से मनाती थी कि एयरपोर्ट पर फोटोग्राफर्स ना हों. मैं अपनी कार में छुप जाती थी कि फोटोग्राफर्स मुझे ना देख सकें. हमेशा भागती-भागती सी फिरती थी लेकिन बाद में मुझे लगा कि जैसी मैं हूं वैसी हूं. मुझे लगता है कि उम्र और एक्सपीरिएंस के साथ ये भाव आपके अंदर आता है. ये एक्सेप्टेन्स आती है.''

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विद्या बालन ने एक्टर और एक्ट्रेस को मिलने वाली अलग-अलग फीस पर भी बात की. उन्होंने कहा,

‘’मुझे लगता है इन चीज़ों को हमें एक लार्जर स्केल पर देखना चाहिए. ये सिनेमा का बिज़नेस है. वो आदमी हैं, जो थिएटर्स में लोगों को खींच रहे हैं. ये ज़रूर है कि वुमेन लीड फिल्में जितनी सक्सेस होंगी हम उतना पैसा कमाएंगे. क्योंकि अभी अगर आप रेश्यो देखेंगे तो ये सेम ही है. फीमेल सेंट्रिक फिल्मों के बजट भी काफी कम होते हैं.''

विद्या ने कहा कि उन्हें लगता है पहले के मुकाबले आज के वक्त में इंडस्ट्री में हर तरह का इम्प्रूवमेंट हुआ है. विद्या ने ये भी बताया कि एक समय ऐसा था जब उन्हें मनहूस कहा जाता था. विद्या ने बताया कि मोहन लाल के साथ उन्होंने एक मलयालम फिल्म साइन की थी. लेकिन वो कभी बनी ही नहीं. विद्या कहती हैं,

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‘’उन लोगों को पता नहीं था कि इंडस्ट्री इतने टफ टाइम से गुज़रेगी. मुझे उस वक्त मनहूस बुलाया जाता था. इसी वजह से मैंने खुद पर विश्वास करना बंद कर दिया था. वो बहुत टफ समय था और मैंने बहुत से रिजेक्शन्स झेले थे. लेकिन उस वक्त भी मैं विज्ञापन वगैरह कर रही थी. उसी दौरान प्रदीप सरकार से मिली. पहले ही दिन उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं तुम्हारे साथ फिल्म बनाऊंगा. तो ऐसे मुझे ‘परिणिता’ फिल्म मिली. मैंने उस फिल्म को नहीं, उस फिल्म ने मुझे चुना था.''

विद्या ने बताया कि वो अपनी लाइफ में एक बार चार्ली चैपलिन का रोल निभाना चाहती हैं. उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट की बात करें तो वो Abundantia Entertainment की फिल्म ‘नीयत’ में दिखाई देंगी. जिसमें राहुल बोस, मीता वशिष्ट, शहाना गोस्वामी और अमृता पुरी भी होंगी. 

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