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'धुरंधर' में जमील जमाली का रोल देख पाकिस्तानी नेता नबील गबोल बोले, "आई लव यू, राकेश बेदी"

नबील गबोल की आवाज़ में बात करने पर राकेश बेदी को किससे पड़ी लताड़?

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जमील जमाली के रोल के लिए राकेश बेदी ने कई पाकिस्तानों के भाषण सुने. उनके तौर तरीकों पर ग़ौर किया. ये तैयारी उन्होंने फिल्म साइन करते ही शुरू कर दी थी.

Ranveer Singh स्टारर Dhurandhar में Rakesh Bedi ने Jameel Jamali का किरदार निभाया. बेहत शातिर, मौक़ापरस्त और मीठी ज़ुबान से लोगों को बेवकूफ़ बनाने वाले पॉलिटीशियन का किरदार उन्होंने कुछ ऐसे निभाया, कि लोगों के ज़ेहन से उसका ख़ुमार उतर ही नहीं रहा. उनका एक-एक डायलॉग, हर ए‍क जेश्चर लोगों को रटा हुआ है. सोशल मीडिया उनके “बच्चा है तू मेरा…” के छत्तीस वर्जन्स के मीम्स से पटा पड़ा है. मगर ये कैसे हुआ? कैसे साढ़े सात घंटे की फिल्म में दिखे कई किरदारों में से सबसे ज्यादा जमील जमाली के डायलॉग पॉपुलर हुए? और जवाब है राकेश बेदी का होमवर्क. जो उन्होंने शूट शुरू होने के महीनों पहले करना शुरू कर दिया था.

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बीते दिनों जब राकेश बेदी The Lallantop के ख़ास कार्यक्रम Guest In The Newsroom में आए, तो उन्होंने इस किरदार के लिए अपनी तैयारी बताई. उन्होंने बताया कि उन्होंने ढेरों पाकिस्तानी नेताओं के भाषण सुने. उनका उठना-बैठना. तौर-तरीके. तेवर-ओ-ताब पर ग़ौर किया. तब जाकर वो टोन पकड़ में आई जिसमें थोड़ी पंजाबियत घुली होती है. जिसमें इंडिया ‘एंडिया’ हो जाता है. और पाकिस्तान ‘पाकस्तान’ बन जाता है. सबसे पहले राकेश बेदी ने अपने फोन में वो स्पीच सुनाई, जो उन्होंने होमवर्क के दौरान तैयार की थी. ये स्पीच उन्होंने आदित्य धर को भी सुनाई थी. स्पीच कुछ ऐसी थी,

"देखिए... अभी ऐसा है.. कि 'पाकस्तान' में नबील गबोल का अपना एक नाम है. एक रुतबा है. एक 'सटेटस' बनाया हुआ है उसने नबील गबोल ने. और नबील गबोल कोई आसान काम थोड़े ही है. हर कोई थोड़े ही बन जाता है नबील गबोल. उसके लिए आदमी की मेहनत चाहिए. आदमी का 'डैडिकेशन' चाहिए. अपने माशरे में आप किस तरह से रह रहे हैं. लोगों के साथ कैसे आपका लेन-देन है? क्या आप उनकी केयर करते हैं? ये सारी चीज़ें देखी जाती हैं. तब जा के आदमी कोई नबील गबोल बनता है. अब आज की 'तरीख' में, अल्लाह जानता है मेरा, मैं जब भी ल्यारी में 'दाखल' होता हूं, दोनों तरफ़ 'लैने' लग जाती हैं लोगों की. लोग 'लैनें' लगा के खड़े हो जाते हैं इस्तकबाल करने के लिए कि भई नबील गबोल आया है. और उनको ये भी पता है कि नबील गबोल जब आया है, तो वो खाली हाथ नहीं आया. ना ही खाली हाथ जाना है उसने. और जब जाएगा नबील गबोल, तो भी उसने खाली हाथ नहीं जाना वहां से. उसने ल्यारी के सारे मसले अपनी जेब में डाल के ले जाना है."

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बिल्कुल अलग सी आवाज़. अलग लहजा, जो ख़ालिस पाकिस्तानी मालूम होता है. मगर इस स्पीच के चलते राकेश बेदी बुरी तरह लताड़ दिए गए. मगर किसने लताड़ा? राकेश ने बताया,

“मैं अपनी वाइफ़ के साथ गाड़ी में जा रहा था. वो कहीं अपनी सहेलियों से बात कर रही थीं. वैसी ही बातें जो लेडीज़ में आपस में चलती रहती हैं. वो चल रही थीं उनकी. और मैं मेरी ये स्पीच सुन रहा था. वो वहीं मेरे बगल में बैठी है. तीन-चार बार तो उन्होंने मुझे लुक दिया. और फिर फट पड़ीं. बड़ी तमतमा के वो बोलीं- क्या कर रहे हो यार ये? किससे बात कर रहे हो? कौन है ये आदमी? मैंने कहा ये मैं ही हूं. मेरा होमवर्क है ये.”

नबील गबोल की आवाज़ राकेश बेदी ने कुछ इस तरह बनाई, कि उनकी पत्नी भी उनकी आवाज़ पहचान न सकी. कुछ दिन बाद उन्होंने ये स्पीच आदित्य धर को सुनाई. आदित्य भी हक्के-बक्के रह गए. मगर उन्होंने इस आवाज़ के लिए इनकार कर दिया. इसकी वजह बताते हुए राकेश ने कहा,

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“मैं यही आवाज़ रखने वाला था. मगर आदित्य ने कहा कि सर आपका पूरा फोकस आवाज़ को ऐसी बनाने पर चला जाएगा. छोटी चीज़ें रह जाएंगी. वो पॉज़ेस. वो छोटी-छोटी बारीकियां... वो सब छूट जाएंगी. और उनका सुझाव सही भी था.”

इन तब्दीलियों के बावजूद पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता नबील गबोल ने भी इस किरदार में ख़ुद की झलक पाई.. एक इंटरव्यू में नबील गबोल ने कहा था,

“एक एक्टर के तौर पर मैं राकेश बेदी को बहुत पसंद करता हूं. राकेश बेदी आय लव यू.”

और जवाब में राकेश बेदी कहते हैं,

“आय लव यू टू नबील गबोल साहब. ये इत्तेफाक़ की बात है कि मेरी शक्ल आपसे थोड़ी मिलती है. और हंसते हुए कहते हैं, मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता.”

FTII से एक्टिंग का क्राफ्ट सीखने वाले राकेश बेदी अपने काम को लेकर बहुत समर्पित हैं. वो दिन-रात उसे जीते हैं. उसी को गुनते हैं. वो मानते हैं कि उनका हर काम कहीं न कहीं उनकी लाइब्रेरी में स्टोर हो रहा है. और किसी दिन कोई आएगा, और इस लाइब्रेरी के किसी शेल्फ़ से उनका कोई काम निकाल कर देखेगा.  वो काम यादगार होना चाहिए. इसलिए वो हर काम पूरी शिद्दत से करते हैं. भले ही वो तीन घंटे की फिल्म में चंद डायलॉग्स ही क्यों न हों. वो मानते हैं डायरेटर आपसे जितना मांगे, उसे उससे ज्यादा दो. तभी तो आपकी मौजूदगी दर्ज होगी.

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: 'धुरंधर' के जमील जमाली ने सुनाए मजेदार किस्से, रणवीर-अक्षय खन्ना पर क्या बोले राकेश बेदी?

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